Friday, May 07, 2021
-->
delegates reiterate demand for withdrawal of laws musrnt

केंद्र और किसानों के बीच नहीं बनी बात, वार्ता के लिए फिर मिली तारीख

  • Updated on 1/8/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों और सरकार के बीच बातचीत बेनतीजा रही, हालांकि बातचीत की अगली तारीख तय हो गई है। अब वार्ता का अगला दौर 15 जनवरी को होगा। सूत्रों के अनुसार वार्ता शुरू होते ही किसान प्रतिनिधियों ने केंद्र से कानून वापसी की मांग की है। 

अभी तक हुई बातचीत में कोई हल नहीं निकला है। इस बीच कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे किसानों ने बृहस्पतिवार को ट्रैक्टर रैली भी निकाली थी। वहीं दूसरी ओर केन्द्र का कहना है कि वह कानूनों को रद्द करने के अलावा किसी भी प्रस्ताव पर विचार करने को तैयार है।

कृषि मंत्री का बड़ा बयान, कानून वापस लेने के अलावा किसी प्रस्ताव पर विचार को तैयार

दोनों पक्षों के बीच आज दोपहर दो बजे विज्ञान भवन में आठवें दौर की बातचीत होगी। इससे पहले चार जनवरी को हुई बैठक बेनतीजा रही थी। हालांकि 30 दिसम्बर को छठे दौर की वार्ता में कुछ सफलता मिली थी, जब सरकार किसानों की बिजली सब्सिडी और पराली जलाने संबंधी मांगों पर राजी हो गई थी। किसानों ने केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ बृहस्पतिवार को प्रदर्शन स्थल-सिंघू, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर और हरियाणा के रेवासन में ट्रैक्टर रैली निकाली थी।

किसान आंदोलन : 8वें दौर की वार्ता से पहले मोदी सरकार ने बनाई रणनीति

प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों ने कहा कि 26 जनवरी को हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से राष्ट्रीय राजधानी में आने वाले ट्रैक्टरों की प्रस्तावित परेड से पहले यह महज एक ‘रिहर्सल’ है। किसान दिल्ली से लगी सीमाओं पर नवम्बर से डटे हैं। यातायात पुलिस के अधिकारी लगातार ट्विटर पर लोगों को बंद एवं परिर्वितत मार्गों की जानकारी दे रहे हैं।

यातायात पुलिस ने मंगलवार को सिलसिलेवार ट्वीट में बताया कि सिंघू, औचंदी, प्याऊ मनियारी, सबोली और मंगेश बॉर्डर बंद हैं। उसने कहा कि कृपया लामपुर, सफियाबाद, पल्ला और सिंघू स्कूल टोल टैक्स बार्डर से होकर जाएं। मुकरबा और जीटेके रोड पर भी यातायात परिर्वितत किया गया है। आउटर रिंग रोड, जीटीके रोड और एनएच- 44 पर जाने से भी बचें।

हाईवे पर जहां तक नजर गई ट्रैक्टर ही ट्रैक्टर दिखे, किसानों ने दिखाई ताकत

उसने कहा कि चिल्ला और गाजीपुर बॉर्डर नोएडा तथा गाजीपुर से दिल्ली आने वाले लोगों के लिए बंद है। कृपया आनंद विहार, डीएनडी, अप्सरा, भोपुरा और लोनी बॉर्डर से होकर दिल्ली आएं। उसने कहा कि टिकरी, ढांसा बॉर्डर पर यातायात पूरी तरह बंद है।

इस साल सितम्बर में अमल में आए तीनों कानूनों को केन्द्र सरकार ने कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के तौर पर पेश किया है। उसका कहना है कि इन कानूनों के आने से बिचौलिए की भूमिका खत्म हो जाएगी और किसान अपनी उपज देश में कहीं भी बेच सकेंगे। दूसरी तरफ, प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों का कहना है कि इन कानूनों से एमएसपी का सुरक्षा कवच खत्म हो जाएगा और मंडियां भी खत्म हो जाएंगी तथा खेती बड़े कॉरपोरेट समूहों के हाथ में चली जाएगी।

comments

.
.
.
.
.