Wednesday, Feb 19, 2020
delhi 11 people reach high court permission to contest elections against arvind kejriwal

केजरीवाल के खिलाफ चुनाव लड़ने की इजाजत मांगने हाई कोर्ट पहुंचे 11 लोग

  • Updated on 1/27/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को 11 लोगों की उस याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमति जता दी, जिसमें नयी दिल्ली सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने की मांग की गई है। इनका आरोप है कि चुनाव अधिकारी ने तय समय पर इनके चुनाव कार्यालय पहुंचने के बाद भी कथित रूप से उनके नामांकन प) स्वीकार नहीं किए थे। 

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न्यायमूर्ति सचदेवा के समक्ष सुनवाई केस सूचीबद्ध

मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ के समक्ष याचिका आई, जिसने मंगलवार को सुनवाई के लिए इसे सूचीबद्ध करने पर सहमति जता दी। इसके बाद मामले को मंगलवार को न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया। 

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ग्यारह लोगों की ओर से दाखिल याचिका में दलील दी गई कि वे यहां जामनगर हाउस में चुनाव कार्यालय में 20 जनवरी को सुबह ही अपने जरूरी फॉर्म और दस्तावेजों के साथ पहुंच गये थे। दफ्तर में पहले से ही कई उम्मीदवार इंतजार कर रहे थे तो चुनाव अधिकारी ने उन्हें टोकन जारी कर दिए और उनकी संख्या के आधार पर फॉर्म लिए जाने थे। 

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हालांकि याचिका में कहा गया कि समय कम होने की वजह से उन सभी लोगों के फॉर्म जमा नहीं हो सके, जिन्हें टोकन दिए गए थे। चुनाव अधिकारी ने याचिकाकर्ताओं से अगले दिन आने को कहा। अधिकारी ने उन्हें यह भी बताया कि टोकन अगले दिन के लिए वैध हैं और उनकी बारी अन्य लोगों से पहले आएगी। 

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टोकन के बजाय कागज पर आवेदकों के नाम लिखे

याचिका के मुताबिक जब वे अगले दिन चुनाव कार्यालय पहुंचे तो पता चला कि टोकन के बजाय एक कागज पर आवेदकों के नाम लिखे जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जब वहां मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नामांकन के लिए पहुंचे तो उन्हें सीधे अंदर ले जाया गया।

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उन्होंने याचिका में दावा किया कि चुनाव अधिकारी के गलत, अवैध, मनमाने, असंवैधानिक और दुर्भावनापूर्ण कृत्यों की वजह से याचिकाकर्ताओं को अवैध तरीके से सरकार बनाने की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल होने के संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करने से रोका गया। 
 

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