Thursday, May 13, 2021
-->
delhi app based luxury buses kailash gahlot kmbsnt

दिल्ली की सड़कों पर जल्द दौड़ेंगी एप बेस्ड लग्जरी बसें, परिवहन मंत्री ने आज बुलाई बैठक

  • Updated on 9/17/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़ी एप बेस्ड एयर कंडीशन प्रीमियर बस सर्विस (App Based Air Condition Premier Bus Service) को दिल्ली (Delhi) में शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। सूत्र बताते हैं कि परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत (Kailash gahlot) ने इस स्कीम को फाइनल करने के लिए गुरुवार को बैठक बुलाई है। स्टेज कैरिज में इसे लाया जा रहा है।

सार्वजनिक परिवहन की जरूरत और प्रदूषण की समस्या को देखते हुए सरकार की मंशा लोगों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के प्रति रुझान पैदा करने की है। प्राइवेट कंपनियों को इस कैटेगरी में करीब एक हजार वातानुकूलित लग्जरी बसों को चलाने की मंजूरी मिल सकती है। सूत्र बताते हैं कि परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने इस स्कीम को अमली जामा पहनाने के निर्देश दिए हैं।

बिना मास्क पहने कार चलाने पर कटा चालान तो वकील ने सरकार से मांगा 10 लाख का मुआवजा

मसौदे को अंतिम रूप देने की तैयारी
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि परिवहन मंत्री की बड़ी परियोजनाओं में एप बेस्ड एयर कंडीशन बस सर्विस स्कीम को भी शामिल किया गया है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो राजधानी की सड़कों पर जल्द लग्जरी बसें चलती नजर आएंगी। स्कीम के मसौदे को लेकर अंतिम रूप देने के लिए बैठक होनी है।

अधिकारी ने कहा कि अगर लोगों को निजी वाहन छोड़कर पब्लिक ट्रांसपोर्ट में यात्रा करने के लिए प्रोत्साहित करना है तो पब्लिक ट्रांसपोर्ट को भी उस लायक बनाना जरूरी है और इसी दिशा में यह कदम उठाने की कोशिश की जा रही है। इन बसों की बुकिंग एप के जरिए होगी। जिन कंपनियों को इस श्रेणी में वातानुकूलित लग्जरी बसों के परिचालन की अनुमति दी जाएगी उसे न्यूनतम 25 बसों को लाने की अनिवार्यता की जा सकती है। लेकिन यह कंपनियां मनमाना किराया वसूल नहीं पाएंगी। किराए की दरें दिल्ली सरकार का परिवहन विभाग तय करेगा।

दिल्ली दंगा: पुलिस ने UAPA के तहत दायर की चार्जशीट, उमर खालिद का नाम नहीं

पूर्व LG ने लगाई थी योजना पर रोक
बता दें कि तत्कालीन उपराज्यपाल नजीब जंग ने आप सरकार की एप बेस्ड प्रीमियम बस सर्विस स्कीम पर रोक लगा दी थी। आरोप लगा था कि मोटर व्हीकल एक्ट के जिस सेक्शन के तहत इस स्कीम को लाया जा रहा था उसका दुरुपयोग किया गया। तब आरोप लगाए गए थे कि तत्कालीन उपराज्यपाल से मंजूरी नहीं मिलने के बावजूद उनके नाम पर स्कीम की अधिसूचना जारी कर दी गई।

पूर्व उपराज्यपाल ने परिवहन विभाग में स्पेशल मैसेंजर भेजकर फाइल मंगवा ली थी। पूर्व उपराज्यपाल का कहना था कि इस स्कीम को मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के सेक्शन 2एन में लेकर सरकार आ रही है। जबकि सेक्शन के तहत आपदा जैसी परिस्थितियों में एक निर्धारित समय के लिए वाहनों के बेड़े को लाया जा सकता है।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.