Tuesday, May 17, 2022
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Delhi AQI Poor Condition Stubble Burning increased pollution KMBSNT

पराली के धुएं से खराब हुई दिल्ली की हवा, आने वाले दिनों में गंभीर हो सकते हैं हालात

  • Updated on 10/8/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पंजाब (Punjab), हरियाणा (Haryana) में इस बार किसानों ने समय से पहले ही पराली जलानी (Stubble Burning) शुरू कर दी है, जिसका नतीजा ये है कि दिल्ली में गुलाबी ठंड के दस्तक देते ही प्रदूषण (Pollution) बढ़ने लगा है। आनंद विहार में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 210, पटपड़गंज में 214 पर और बवाना में 251 पर है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के आंकड़ों के अनुसार, तीनों ही स्थानों पर ये खराब श्रेणी में है। 

पाकिस्तान सीमा पर बसे गांवों के साथ-साथ पंजाब हरियाणा में जल रही पराली के 336 से अधिक मामले मिले हैं और हवाओं का रुख देखते हुए पर्यावरण वैज्ञानिकों ने अगले 3 दिन ऐसे ही एक ही खराब श्रेणी में रहने का अनुमान जताया है।दिल्ली-एनसीआर में पीएम 2.5 प्रदूषण की मुख्य वजह बताया गया है। यह प्रदूषक तत्व सांस लेते समय फेफड़ों तक जा सकते हैं जो लोगों को बीमार कर सकते हैं।

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लगातार खराब श्रेणी में बना हुआ है AQI
बुधवार को राजधानी के वजीरपुर आईईटी इलाके में PM-10 253 और मुंडका इलाके में PM-10 का स्तर 273 रिकॉर्ड किया गया था। यह खराब श्रेणी में आता है। अभी दिल्ली में बीते वर्ष पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश द्वारा जलाई गई पराली का 68100 गांव पर प्रभाव का शोध करने वाले वायुमंडल विज्ञान केंद्र के एसोसिएट प्रोफेसर साग्निक डे ने बताया कि अगर दिल्ली में प्रदूषण कम करना है तो आपको उसके लिए उपाय करने होंगे।

जैसे लाखों की संख्या में वाहन से होने वाला प्रदूषण कम करना होगा। कंस्ट्रक्शन साइट पर चल रहे काम रोकने होंगे। धूल उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव करना होगा। खुले में कूड़ा जलाना बंद करना होगा। इन सब के बीच पराली एक बड़ी समस्या है। राजधानी में एक बार स्मॉग आ गया तो उससे निकल पाना असंभव होगा।

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पराली जलाने से और खराब होगा AQI
सिस्टम आफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च सफर ने बताया कि पंजाब हरियाणा और दिल्ली के आसपास के क्षेत्रों में खेतों में पराली जलाने के मामलों में वृद्धि और प्राकृतिक मौसम के कारण वायु गुणवत्ता खराब हो ही रहेगी। दूसरी ओर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने राजधानी दिल्ली में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण की समस्या पर चिंता जताते हुए दिल्ली सरकार से निर्माण एवं निर्माण को गिरने संबंधी गतिविधियों और खुले में कूड़ा जलाने जैसे प्रमुख प्रदूषण स्रोतों पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा है।

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