Friday, Dec 06, 2019
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गुरु के चरणों में केजरीवाल सरकार की ‘कीर्तन भेंटा’

  • Updated on 11/5/2019

नई दिल्ली/ सुनील पाण्डेय। गुरुनानक देव (Guru Nanak dev ji) के 550वें प्रकाश पर्व को धूमधाम एवं ऐतिहासिक तरीके से मनाने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक नई पहल की है। सरकार ने समूचे दिल्लीवालों को मुफ्त बिजली, पानी, डीटीसी (DTC) बस में महिलाओं केा फ्री बस सफर, स्वास्थ्य सुविधा देने के बाद अब दिल्ली के गुरुद्वारों को गुरबानी-कीर्तन के लिए फ्री रागी जत्था देने की पेशकश की है।

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दिल्ली के सभी गुरुद्वारों के लिए अब फ्री ‘रागी जत्था’ 
इससे छोटे-बड़े कॉलोनियों (Colony) में स्थापित करीब 1500 से अधिक गुरुद्वारों और उससे जुड़े संगतों को फायदा होगा। इस बावत सरकार ने दिल्ली (Delhi) के सभी गुरुद्वारों (सिंह सभाओं) को पंजाबी (Punjabi) भाषा में विशेष पत्र लिखा है। साथ ही सिख विधायकों एवं अलग-अलग पार्टी से जुड़े संगठनों को इस पहल को आगे बढ़ाने  के लिए भी कहा है। प्रकाश पर्व के मौके पर गुरुद्वारा में समागम करवाने के लिए सरकार का यह बड़ा दांव माना जा रहा है। इस पत्र में गुरुनानक साहिब की शिक्षाओं का प्रचार करने के लिए सागी जत्थों के भेंट दिल्ली सरकार की ओर से देने की इच्छा जताई गई है। साथ ही 2 फोन नंबर भी दिए गए हैं, जिसपर संपर्क करके संबंधित गुरुद्वारों के प्रबंधक अपने प्रस्तावित कार्यक्रम का खाका भेजकर रागी सिंह को दिए जाने वाला भेंटा (राशि) प्राप्त कर सकते हैं।

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विशेष राशि की सुरक्षित
जानकारी के मुताबिक दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने गुरुनानक देव के प्रकाश पर्व मनाने के लिए विशेष राशि सुरक्षित रखी है। केजरीवाल की इस अनोखी पहल से दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रबंधन को बड़ी तकलीफ हो सकती है क्योंकि, दिल्ली कमेटी भी अपनी तरफ से सभी सिंह सभाओं (छोटे गुरुद्वारों) को किसी एक कार्यक्रम के लिए रागी जत्थों की राशि देने में समर्थ नहीं है। आम तौर पर एक घंटे के लिए कीर्तन करने वाले जत्थे को यदि दिल्ली कमेटी द्वारा किसी गुरुद्वारे को भेजा जाता है तो उनके ग्रेड के हिसाब से उसकी भेंट सिंह सभा गुरुद्वारे से ली जाती है। इसमें 7100, 5100, 3100 रुपए तक भेंटा है।

इसके अलावा दिल्ली में श्री दरबार साहिब (अमृतसर) से आने वाले रागी जत्थों की अनुमानित भेंटा 21 हजार रुपए से लेकर 51 हजार रुपए तक दी जाती है। इसलिए केजरीवाल की इस पहल से गुरुद्वारों को कार्यक्रम करवाने में बड़ी राहत मिलेगी। वहीं दिल्ली कमेटी के लिए केजरीवाल की इस पहल का समर्थन एवं विरोध दोनों भारी पड़ सकता है। अगर दिल्ली कमेटी पहल का विरोध करती है तो सिंह सभाएं नाराज हो सकती हैं, पर अगर समर्थन करेंगे तो समानांतर कमेटी चलाने का दिल्ली सरकार पर दोष लग सकता है।  

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गुरुनानक देव  का प्रकाश पर्व मनाने के लिए सरकार की बड़ी पहल  
बता दें कि राजधानी दिल्ली में स्थानीय कालोनियों को मिलाकर गुरुद्वारों की संख्या लगभग 1500 के करीब बताई जाती है। इसमें लगभग 650 गुरुद्वारे पंजीकृत हैं। इसके अलावा दिल्ली में 10 बड़े ऐतिहासिक गुरुद्वारे हैं, जिसका प्रबंध दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के पास है। 

प्रकाश पर्व मनाने की अच्छी पहल : जरनैल सिंह 
तिलक नगर से आम आदमी के विधायक जरनैल सिंह ने कहा है कि श्री गुरु नानक साहब के 550 वे प्रकाश पर्व को दिल्ली सरकार धूमधाम से मनाएगी। इसके लिए हर प्रकार की तैयारी चल रही है। गुरु नानक देव की शिक्षाओं को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए दिल्ली के अलग-अलग गुरुद्वारों में किए जाने वाले कीर्तन समागम में रागी साहिबान की कीर्तन भेंटा देगी दिल्ली सरकार देगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सभी गुरुद्वारों एवं गुरुद्वारा कमेटियों को पत्र लिखकर यह सेवा सरकार द्वारा करने की इच्छा जाहिर की है। जितनी भी सिंह सभाओं से इस बारे में मांग की जाएगी, दिल्ली सरकार उन सभी रागीयों को कीर्तन भेंटा देगी।   

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कौन होते हैं रागी जत्थे...
एक रागी जत्थे में आम तौर पर 3 सदस्य होते हैं। इसमें एक मुख्य रागी, उसका सहयोगी हारमोनियम बजाते हैं, जबकि तीसरा साथी तबला बजाता है। सिख विशेषज्ञों की माने तो गुरमत विद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने के बाद किसी रागी जत्थे की पहली ड्यूटी छोटे सिंह सभा गुरुद्वारों में होती है। इसके बाद अच्छे रियाज और गुरबानी कीर्तन में प्रवीण होने के बाद ही उनको आगे कार्यक्रम बड़े गुरुद्वारों के लिए दिए जाते हैं। 
 

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