Thursday, Mar 04, 2021
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दम घोंटू प्रदूषण से दिल्ली सरकार परेशान, PWD को पानी का छिड़काव बढ़ाने के दिए निर्देश

  • Updated on 11/10/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) की हवा हर दिन जहरीली होती जा रही है। हवा की धीमी गति, पराली का धुआं लगातार प्रदूषण को और बढ़ा रहा है। आज भी दिल्लीवालों की सुबह चारों तरफ फैले धुंए से हुई। बढ़ते प्रदूषण को लेकर दिल्ली (Delhi) के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय (Gopal Rai) ने राज्य में लोक निर्माण विभाग (PWD) को पानी का छिड़काव बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

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दिल्ली सरकार ने दिए निर्देश
गोपाल राय ने मंगलवार को बताया कि चारों तरफ से जो पराली का धुंआ आ रहा है वो तो हमारे नियंत्रण से बाहर है पर दिल्ली के अंदर पटाखों से प्रदूषण न हो इसलिए पटाखे बैन कर दिए हैं। हमने सभी DM और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर दिशानिर्देश जारी किए। पीडब्ल्यूडी को पानी का छिड़काव बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

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सड़कों पर पानी के छिड़काव के लिए लगाए 150 टैंकर
दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी ने सड़क पर पानी के छिड़काव के लिए 150 टैंकर लगाए हैं। राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण के खतरनाक स्तर पर पहुंचने के लिए मुख्य कारकों में धूलकण की भी बड़ी भूमिका होती है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि उन्होंने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को छिड़काव के लिए पानी टैंकरों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा, 'प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए मैंने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को प्रत्येक महत्वपूर्ण सड़कों पर पानी का छिड़काव करने का निर्देश दिया है। पीडब्ल्यूडी ने 150 टैंकर लगाए हैं। मैंने टैंकरों की संख्या बढ़ाने के लिए निर्देश दिए हैं।'

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तीन नवंबर के बाद से प्रदूषण का शीर्ष स्तर
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक सोमवार को 477 दर्ज किया गया। पिछले साल तीन नवंबर के बाद से प्रदूषण का यह शीर्ष स्तर है। उस समय सूचकांक 494 था। रविवार को औसत सूचकांक 416, शनिवार को 427, शुक्रवार को 406 और बृहस्पतिवार को 450 दर्ज किया गया था। फरीदाबाद में सूचकांक 456, गाजियाबाद में 482, नोएडा में 477, ग्रटर नोएडा में 478 और गुरुग्राम में 482 दर्ज किया गया। एक्यूआई में 0-50 को 'अच्छा', 51 और 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 और 200 के बीच 'मध्यम', 201 और 300 के बीच 'खराब', 301 और 400 के बीच 'बेहद खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' श्रेणी में माना जाता है। 

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इससे पहले दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा था कि वायु (प्रदूषण की रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम के तहत पटाखों पर लागू प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस अधिनियम के तहत छह साल तक की जेल और एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। राय ने जिलाधिकारियों, दिल्ली पुलिस, पर्यावरण और राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रतिबंध लागू किए जाने के मद्देनजर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) पर चर्चा की। 

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डेढ़ से लेकर छह साल तक की हो सकती है सजा
राय ने संवाददाताओं से कहा, 'चर्चा के मुताबिक, पुलिस वायु (प्रदूषण की रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम के तहत पटाखों पर लागू प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई कर सकती है।' मंत्री ने कहा, 'ऐसे अपराध में जुर्माना लगाए जाने और कम से कम डेढ़ साल से लेकर अधिकतम छह साल तक जेल की सजा का प्रावधान है।' उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के मुताबिक, पराली जलाने के कारण दिवाली तक राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण का स्तर 'गंभीर' की श्रेणी में पहुंचने की आशंका है।

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दिल्ली-NCR में 30 नवंबर तक पूर्ण पूर्ण प्रतिबंध
दिल्ली सरकार ने पिछले सप्ताह पटाखों की बिक्री और जलाए जाने पर सात नवंबर से लेकर 30 नवंबर तक पूर्ण प्रतिबंध लगाया था। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में नौ नवंबर मध्यरात्रि से लेकर 30 नवंबर को आधी रात तक सभी प्रकार के पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर पूर्णत: प्रतिबंध लगा दिया है। एनजीटी ने कहा कि पटाखे खुशियां मनाने के लिए हैं, न कि बीमारी और मृत्यु का उत्सव मनाने के लिए।

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