Monday, Mar 01, 2021
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सामने आई केजरीवाल सरकार की लापरवाही, पूरी रात नहीं दिया संक्रमित को खाना

  • Updated on 5/2/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। राजधानी दिल्ली (Delhi) में इस समय कोरोना वायरस (Coronavirus) का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच स्थानीय प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद इस घातक वायरस से प्रभावित लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रहीं। रोहिणी (Rohini) के विजय विहार इलाके में रहने वाले 54 वर्षीय एक व्यक्ति के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद उसे और उसके परिवार को जिस तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा, वह दिल्ली सरकार (Delhi Government) के दावों की पोल खोलने के लिए पर्याप्त है।

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कुछ वक्त पहले अस्पताल में था भर्ती
विजय विहार में रहने वाले बघेल परिवार को उनके एक वरिष्ठ सदस्य के कोरोना संक्रमित होने का पता बुधवार की सुबह चला जिसके बाद घर में हड़कंप मच गया। पूरे परिवार को हैरानी इस बात की हुई कि कुछ समय पहले ही संक्रमित टायफाइड के इलाज के लिए नजदीक के सरकारी अस्पताल में भर्ती हुआ था। संक्रमित के बेटे ऋषिकेष बघेल ने बताया कि पिछले महीने ही उन्हें 25 अप्रैल को टायफाइड के इलाज के लिए जयपुर गोल्डन अस्पताल में भर्ती किया गया था। जिसके बाद उन्हें दो दिन बाद वहां से छुट्टी दे दी गई और उन्हें कोरोना की जांच कराने को कहा गया।     

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30 अप्रैल को हुई कोरोना की पुष्टि
ऋषिकेश बघेल ने कहा, 'जब हम अपने पिता को लेकर डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि वह कोरोना वायरस के कुछ मामले आने के बाद से बंद है।' इसके बाद उन्हें एक निजी लैब से जांच करानी पड़ी, जिसकी रिपोर्ट 30 अप्रैल की सुबह आई जिसमें उनके पिता के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई।

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9 घंटे बाद आई एंबुलेंस
संक्रमित की रिपोर्ट को देखकर पूरा परिवार हैरान हो गया क्योंकि अस्पताल से आने के बाद उनके पिता कहीं गए ही नहीं। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद परिवार ने एम्बुलेंस को फोन किया लेकिन कर्मियों ने मामले बहुत ज्यादा होने का हवाला देते हुए तुरंत गाड़ी भेजने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि कई जगह शिकायत करने और मदद के लिए गुहार के करीब नौ घंटे बाद एंबुलेंस आई।

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वक्त पर नहीं हुआ इलाज
शिकायत के बाद जब एंबुलेस मरीज को लेकर एलएनजेपी (LNJP) अस्पताल पहुंची तो वहां बिस्तर न मिलने के कारण करीब चार-पांच घंटे बैठाकर रखा गया और खाना भी नहीं दिया। उन्हें अगले दिन सुबह नौ बजे के करीब चाय दी गई और तब तक उनका कोई इलाज शुरू नहीं किया गया।  

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किसी अधिकारी ने नहीं ली सुध
उन्होंने शिकायत की कि बड़ी-बड़ी सुविधाओं से लैस होने का दावा करने वाली राष्ट्रीय राजधानी में वैश्विक महामारी के दौरान हालात ऐसे हैं कि उन्हें घर में रहने और जांच के बारे में कोई दिशा-निर्देश नहीं दिए गए और न ही किसी अधिकारी ने उनके परिवार की सुध ली।

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बेटे ने बताया कि स्थानीय निगम पार्षद ने उनके घर को संक्रमणमुक्त कराया।उन्होंने कहा कि परिवार में कुल 11 सदस्य हैं जिनमें से तीन बच्चे हैं। सभी लोग एहतियात के तौर पर अपने घर में कैद हैं लेकिन दो दिन बीतने के बाद अभी तक न उनकी कोई जांच हुई है और न ही किसी अधिकारी की तरफ से कोई संपर्क किया गया है बघेल ने बताया कि, उनके पिता का इलाज अब शुरू हो गया है और उनकी हालत में पहले से सुधार है। 

दिल्ली में संक्रमितों की संख्या 3700 के पार
दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। शुक्रवार को यहां 223 नए कोरोना संक्रमित पाए गए। जिसके बाद यहां संक्रमितों की कुल संख्या 3,738 हो गई है। वहीं 24 घंटे में कोरोना वायरस की चपेट में आने वाले 02 लोगों ने दम तोड़ दिया। जिसके बाद यहां मरने वालों की संख्या 61 पहुंच चुकी है। राहत की बात ये है कि 1167 कोरोना संक्रमति लोग अब तक ठीक होकर घर जा चुके हैं।

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