Sunday, Mar 24, 2019

दिल्ली सरकार की रिपोर्ट में हुआ खुलासा, खस्ताहाल FOB से डरते हैं लोग!

  • Updated on 3/14/2019

नई दिल्ली/ताहिर सिद्दीकी। दिल्ली के कई फुट ओवर ब्रिज (एफओबी)ड्रग एडिक्ट,नशे में धुत्त लोगों और भिखारियों के अड्डे बन चुके हैं। इस कारण आम लोग इसका इस्तेमाल करने से डरते हैं। लोगों की सहूलियत के लिए दिल्ली में 100 से अधिक फुट ओवर ब्रिज और सब-वे बना दिए गए,लेकिन करीब आधे लोग इसका इस्तेमाल ही नहीं करते।

वहीं,फुटओवर ब्रिज की तुलना में सबसे ज्यादा इस्तेमाल लोग सब-वे का कर रहे हैं। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के निर्देश पर योजना विभाग ने सभी 74 एफओबी और 37 सब-वे का लोगों के इस्तेमाल करने और नहीं करने के नजरिए से स्टडी कराया है। सर्वे करने वाली कंपनी ने सरकार को रिपोर्ट सौंप दी है।

खालिस्तान के आका भिंडरावाले का करीबी रहा है गुरसेवक, 50 से अधिक मामलों में पुलिस को दे रहा था चकमा

करीब 6 महीने तक एक-एक एफओबी और सब-वे की स्टडी करने के बाद रिपोर्ट तैयार की गई है। सर्वे का काम पूर्वी,उत्तरी और दक्षिणी जोन में बांटकर किया गया है। रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा किया गया है। कई एफओबी के नीचे अवैध कब्जे की बात सामने आई है,जिससे एफओबी पर चढना भी मुश्किल है।

रिपोर्ट में दर्जनों एफओबी के चित्र लगाकर स्थिति को दर्शाया गया है। रिपोर्ट में एफओबी को री-डिजाइन करने की अनुशंसा की गई है। रिपोर्ट 276 पेज की है। 

रिलायंस Jio के नाम पर हजारों लोगों से की ठगी, सरगना बिहार से गिरफ्तार

एफओबी में लिफ्ट नहीं
काफी एफओबी में लिफ्ट नहीं होने,सुरक्षा गाड्र्स की तैनाती न होने,साफ.-सफाई की कमी व साइनेज समेत तमाम पहलुओं के बारे में बताया गया है। इसके चलते लोग सब-वे और एफओबी का प्रयोग करने से कतराते हैं। रिपोर्ट में सबसे ज्यादा प्रयोग होने वाले सब-वे और सबसे कम प्रयोग होने वाले एफओबी की लिस्ट भी दी गई है।

आम लोगों के फीडबैक को भी शामिल किया गया है और फीडबैक के आधार पर सिफारिशें की गई हैं। 74 एफओबी में 57 में लिफ्ट नहीं है। जिन 17 एफओबी में लिफ्ट है उनमें से केवल 9 जगह ही वर्किंग लिफ्ट है और बाकी जगह लिफ्ट टूटी है या खराब है।

वहीं,केवल 17 एफओबी में ही एस्केलेटर्स है। सिफारिश की गई है कि सभी एफओबी में लिफ्ट और एस्केलेटर्स होने चाहिए। एफओबी और सब-वे का प्रयोग नहीं करने वाले ज्यादातर लोगों ने सुरक्षा का मुद्दा उठाया है और कहा है कि अगर सुरक्षा गाड्र्स हों तो वे इनका प्रयोग कर सकते हैं।  

संदिग्ध हालात में पती-पत्नी ने की आतमहत्या, SDM को सौंपी गई जांच

ग्रिल फांदकर लोग करते हैं सड़क पार
रिपोर्ट में बताया गया है कि 92 प्रतिशत सब-वे के पास डिवाइडर तो है, लेकिन इसके बावजूद भी लोग ग्रिल फांदकर सड़क पार करते हैं और सब-वे व एफओबी का प्रयोग नहीं करते। डिवाइडर की ऊंचाई या तो कम होती है या फिर ग्रिल तोड़ दी जाती है। सिफारिश की गई है कि रोड साइड ब्लाकेज को री-डिजाइन किया जाए और डिवाइडर की ऊंचाई इतनी होनी चाहिए कि लोग उसको पार न कर सकें।

कई जगहों पर इस्तेमाल शून्य  

  • रिपोर्ट में पाया गया है कि कई जगहों पर इसका उपयोग शून्य है।
  • लेकिन कई जगहों पर पर्याप्त इस्तेमाल की बात भी सामने आई।
  • रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में एफओबी की योजना बनाने में मदद मिलेगी।
  • एफओबी को रैंप और बेहतर सीढ़ी बनाकर इसे उपयोगी बनाने कहा गया।
  • कई एफओबी में गंदगी और जीर्ण स्थिति में   
  • 64 प्रतिशत एफओबी पर ही छत।
  • 78 प्रतिशत एफओबी में लाइट मिली।
  • 32 फीसदी एफओबी में फ्लोरिंग नहीं।
  • फर्श टूटा-फूटा होने के कारण लोगों को चोट लगने की संभावना बनी रहती है।
  • बहुत बार लोगों को पता नहीं चलता कि एफओबी और सब-वे कहां पर है।
  • एफओबी का प्रयोग न करने पर फाइन लगाने की सिफारिश।

सर्वे के दौरान एफओबी का इस्तेमाल करने वालों की संख्या 

  • 228226 लोगों ने पूर्वी जोन में एफओबी का इस्तेमाल किया 
  • 52978 लोगों ने उत्तरी जोन में एफओबी का किया इस्तेमाल
  • 179870  लोगों ने दक्षिणी जोन में एफओबी का इस्तेमाल किया

सर्वे के दौरान एफओबी का इस्तेमाल नहीं करने वालों की संख्या

  • 99625 लोगों ने पूर्वी जोन में एफओबी का नहीं किया इस्तेमाल
  • 28433 लोगों ने उत्तरी जोन में एफओबी का इस्तेमाल नहीं किया 
  • 60893  लोगों ने दक्षिणी जोन में एफओबी का इस्तेमाल नहीं किया
Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.