Sunday, May 22, 2022
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मार्च से अब तक डेढ़ दर्जन हीट वेव झेल चुकी है दिल्ली

  • Updated on 5/11/2022

नई दिल्ली/पुष्पेंद्र मिश्रा। देश की राजधानी में इस वर्ष गर्मी ने बीते कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस वर्ष पहली हीट वेव 11 मार्च को ही आ गई थी। जोकि बढ़ते वैश्विक तापमान का परिचायक है। यह बीते 122 साल में पहली बार था जब किसी वर्ष की शुरूआत में मार्च की 11 तारीख को ही पहली हीट वेव आ गई हो। दिल्ली में मार्च-अप्रैल समेत मई के पहले हफ्ते तक तकरीबन डेढ़ दर्जन हीट वेव आ चुकी हैं।

जून में मानसून आने तक जारी रहेंगी हीट वेव 
बीते हफ्ते हुई बूंदाबादी और असानी चक्रवात के असर के कारण मौसम में बदलाव जरूर देखने को मिला है। लेकिन आगामी हफ्ते में मौसम विभाग की चेतावनी है कि फिर से हीट वेव आ रही है। यह हीट वेव लगातार जून में मानसून आने तक जारी रहने वाली हैं। क्योंकि इस समय धरती की सतह औद्योगिक पीरियड से 1.09 डिग्री ज्यादा गर्म हो चुकी है। इस गर्मी में वेट बल्व की भी समस्या आ रही है।

वेट बल्व तापमान में बढ़ोत्तरी से होगी परेशानी
वेट बल्व में वातावरण के तापमान में मौजूद 35 फीसद ह्यूमीडिटी ही मनुष्य बर्दास्त कर सकता है। लेकिन इससे अधिक ह्यूमीडिटी होने पर शरीर इसे बर्दास्त नहीं कर पाएगा। एनसीडीसीआर की रिपोर्ट के मुताबिक देश में अत्यधिक गर्मी के कारण 2015 से 2019 के बीच 3775 लोगों की मौत हो चुकी है।

गांवों की अपेक्षा शहरों का तापमान अधिक
पर्यावरणविदें का कहना है कि इस बढ़े हुए तापमान में शहरों में बहुत परेशानी हो रही है। कंक्रीटीकरण और औद्योगिकीकरण के कारण शहरों में इस समय तापमान मैदानी इलाकों की बजाय दिन में 1-3 डिग्री 'यादा गर्म और रात में यह मैदानी इलाके की बजाय शहरी इलाके में 12 डिग्री तक अधिक गर्म रहता है।

घरों के डिजाइन में बदलाव जरूरी होगा
सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट में सस्टेनेबल बिल्डिंग और हैबीटेट प्रोग्राम के निदेशक रजनीश सरीन का मानना है कि हीट वेव के बढऩे से उर्जा की खपत बढ़ गई है। इससे मानवीय स्वास्थ्य पर खतरा है। इससे शहरों में रिकॉर्ड बिजली मांग को देखा गया है। उनका मानना है कि हमारे घरों को अगर तापमान सहने लायक तैयार किया जाए। तो घरों के अंदर बाहर 25 डिग्री तक तापमान कम महसूस हो ऐसा बनाया जा सकता है।

ऐसे तय होती है हीट वेव
मौसम विभाग के अनुसार मैदानी इलाके में जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस, कोस्टल एरिया में 37 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी इलाके में 30 डिग्री सेल्सियस क्रास कर जाता है। तब इसे हीट वेव करार दिया जाता है। इस दौरान जब दिन के मौजूदा औसत तापमान में 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस तक तापमान की बढ़ोत्तरी देखी जाती है। तो इसे मौसम विभाग खतरनाक स्तर की हीट वेव घोषित करता है।

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