Friday, Apr 23, 2021
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Delhi HC comment no surprise if the leader beaten up by the public KMBSNT

MCD कर्मचारियों के वेतन को लेकर HC की तीखी टिप्पणी- नेता भीड़ का शिकार हो जाए तो कोई आश्चर्य नहीं

  • Updated on 1/22/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली के तीनों नगर निगमों (MCD) के कर्मचारियों के वेतन और पेंशन भुगतान के मामले को लेकर हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने निगम और दिल्ली सरकार (Delhi Govt) को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए यहां तक कह दिया कि इस बात में कोई आश्चर्य नहीं होगा अगर गुस्साए और परेशान कर्मचारी सत्तासीन नेताओं को पीटना शुरू कर दें।

कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार, निगम और केंद्र सरकार के बीच सैंडविच बन चुकी है। सिर्फ इसलिए क्योंकि वो अगल पार्टी है। निगम और दिल्ली सरकार के बीच फंड को लेकर लड़ाई निम्न स्तर की हो गई है। ये आपस में कुत्ते बिल्लियों की भांति लड़ने लगे हैं। प्रशासन के ऐसे रवैये से कोर्ट तक शर्मिंदा है। 

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दिल्ली में विरोधी दल की सरकार के कारण विवाद- कोर्ट
न्यायमूर्ति विपिन सांघी और रेखा पल्ली की खंडपीठ ने दिल्ली सरकार को बकाया ऋण के एवज में निगम से ली गई राशि को वापस लौटाने का निर्देश दिया है। खंडपीठ का कहना है कि फंड को लेकर विवाद केवल इस कारण है कि दिल्ली में सरकार एक दूसरे राजनीतिक दल की है। कोर्ट ने कहा कि ये पार्टियां अपने नेताओं को समझाएं कि उनको परिपक्व होने की जरूरत है और इन छोटे झगडों से ऊपर उठने की जरूरत है। 

दिल्ली सरकार को दिया ये निर्देश
हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि नगर निगमों और स्थानीय निकायों के बकाया कर्ज के ऐवज में उनसे लिये गये धन को दो सप्ताह के भीतर उन्हें लौटाया जाए। जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस रेखा पल्ली की पीठ ने कहा, ‘‘हमारे विचार से, दिल्ली सरकार द्वारा ऐसे हालात में ऋण में कमी लाना उचित नहीं है, विशेष रूप से ऐसे समय में जब पिछले तीन साल से अधिक समय से नगर निगमों द्वारा कर्ज की भरपाई की बात पर विचार चल रहा है।

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सरकारों को कर्मचारियों की कोई फिक्र नहीं: न्यायमूर्ती सांघी
न्यायमूर्ती सांघी ने कहा कि मैं बता नहीं सकता कि हम आप सभी (दिल्ली सरकार और नगर निगमों) से कितने खिन्न हैं। आपको कर्मचारियों की कोई फिक्र नहीं है। आप पूरी तरह गैरजिम्मेदाराना व्यवहार कर रहे हैं और आपको गरीब कर्मचारियों तथा सेवानिवृत्त पेंशनभोगियों के बारे में बिल्कुल चिंता नहीं है। बता दें कि खंडपीठ उत्तर, पूर्वी और दक्षिण दिल्ली नगर निगमों द्वारा अपने विभिन्न श्रेणी के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को वेतन का भुगतान नहीं किये जाने से संबंधित अनेक याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। 

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