Thursday, Apr 02, 2020
delhi high court grants bail to the karnataka congress leader dk shivakumar

डीके शिवकुमार को दिल्ली हाई कोर्ट ने दी जमानत, आज तिहाड़ मिलने पहुंची थीं सोनिया गांधी

  • Updated on 10/23/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कर्नाटक (Karnataka) कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) को दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने 25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है। वर्तमान में वो न्यायिक हिरासत में हैं। ट्रायल कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। 

न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने कांग्रेस नेता को राहत देते हुए कहा कि शिवकुमार के विदेश भागने की आशंका नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि शिवकुमार सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकते क्योंकि दस्तावेज जांच एजेंसियों के पास हैं। साथ ही यह दिखाने के लिए भी कोई सामग्री नहीं है कि उन्होंने गवाहों को प्रभावित किया है।

अदालत ने निर्देश दिया कि उन्हें 25 लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की दो जमानतों पर उन्हें रिहा किया जाए। प्रवर्तन निदेशालय ने शिवकुमार को धनशोधन मामले में तीन सितंबर को गिरफ्तार किया था। वह न्यायिक हिरासत के तहत तिहाड़ जेल में बंद हैं। उन्होंने जमानत नहीं देने के निचली अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। 

इसके पहले, कांग्रेस (Congress) की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) मनी लॉन्ड्रिंग केस (Money Laundering Case) के आरोप में गिरफ्तार कर्नाटक (Karnataka) के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) से मुलाकात करने तिहाड़ जेल (Tihar Jail) पहुंचीं थी। 

मनी लॉन्ड्रिंग केस: शिवकुमार से मिलने तिहाड़ जेल पहुंचीं सोनिया गांधी

सोनिया सुबह करीब 9 बजे तिहाड़ पहुंचीं
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक सोनिया सुबह करीब 9 बजे तिहाड़ पहुंचीं। एक सूत्र ने बताया कि सोनिया शिवकुमार की खैरियत जानने के साथ-साथ उनके प्रति एकजुटता प्रकट करने जेल पहुंचीं। दोनों नेताओं के बीच लगभग आधे घंटे तक बातचीत हुई।

शिवकुमार मामले में ED के वकील की गैर मौजूदगी पर हाई कोर्ट ने लगाई फटकार

IT विभाग को शिवकुमार के घर से मिला था 8.59 करोड़ का कैश
बता दें कि कांग्रेस नेता 57 साल के डीके शिवकुमार आयकर विभाग के निशाने पर साल 2016 से ही है। दरअसल आयकर विभाग ने नोटबंदी के बाद उनके दिल्ली स्थित फ्लैट से लगभग 8.59 करोड़ का कैश बरामद किया था, जिसके बाद विभाग ने उनके और उनके चार सहयोगियों के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 227 और 278 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था

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