Sunday, Dec 05, 2021
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ब्लैक फंगस की दवा की कमी पर दिल्ली हाईकोर्ट ने की ये टिप्पणी

  • Updated on 5/25/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। ब्लैक फंगस के लगातार बढ़ते मामलों के बीच अब इसकी दवा की किल्लत होने लगी है। ऐसे में दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि ब्लैक फंगस के उपचार के लिए उपयोग में आने वाली दवा 'एम्फोटेरसिन बी' की मांग और आपूर्ति में अंतर इतना अधिक है कि कुछ ठोस कदमों को उठाने की जरूरत है।

कोर्ट ने कहा कि ब्लैक फंगस कोरोना से उबर चुके मरीजों को अधिक प्रभावित कर रहा है। कोरोना महामारी से संबंधित मुद्दों पर 6 घंटे तक सुनवाई करने वाली न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने कहा कि दवा की मांग और आपूर्ति में एक तिहाई से अधिक का अंतर है, जिसको ठीक करने के लिए तेजी से कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।

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सीमित आपूर्ति है, तो सभी को कटौती करनी होगी- कोर्ट
पीठ ने कहा कि वर्तमान उत्पादन एवं आपूर्ति से ऐसा जान पड़ता है कि ब्लैक फंगस के मरीजों के उपचार के लिए दवा की किल्लत ना केवल दिल्ली बल्कि देशभर में हो सकती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि हालात ऑक्सीजन संकट से बेहद अलग हैं। उन्होंने कहा अगर दवा की सीमित आपूर्ति है, तो सभी को कटौती करनी होगी।

कोर्ट ने कहा कि हम इसे उपलब्ध कराने से संबंधित कोई आदेश कैसे पारित करें? केंद्र ने अदालत को मई और जून में दवा की खेप की संभावित आपूर्ति, आयात में तेजी और उत्पादन में इजाफे का संकेत दिया।

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औषधि नियंत्रक को कोर्ट ने दिये ये निर्देश 
वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने औषधि नियंत्रक को निर्देश दिया कि वह कोरोना के इलाज में इस्तेमाल दवाओं की कमी के बीच नेताओं द्वारा बड़े पैमाने पर खरीदी गई दवाओं के मामले की जांच करें। अदालत ने टिप्पणी की कि बीजेपी सांसद गौतम गंभीर अच्छी मंशा से दवाएं बांट रहे थे, लेकिन उनकी इस भावना से अनजाने में ही अपकार किया गया है। 

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