Tuesday, Jun 28, 2022
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मानहानि मामले में हाई कोर्ट ने BJP नेताओं के खिलाफ कार्यवाही पर लगाई रोक

  • Updated on 12/8/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को आप नेता राघव चड्ढा और दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) से भाजपा नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी की याचिका पर जवाब मांगा। बिधूड़ी ने चड्ढा द्वारा दर्ज कराए गए मानहानि मामले में जारी समन को चुनौती दी है। साथ ही अदालत ने मामले में निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी। 

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जस्टिस मनोज कुमार ओहरी की एकल पीठ ने बिधूड़ी की याचिका पर सुनवाई की। इसके बाद उन्होंने इस मामले को अगले साल मार्च में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया। दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता ने अपनी याचिका में कहा कि उनके खिलाफ मानहानि की शिकायत और कार्यवाही कानून की प्रक्रिया का दुरूपयोग है। 

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डीजेबी के उपाध्यक्ष और चड्ढा द्वारा संयुक्त रूप से दर्ज कराई गई शिकायत में दावा किया गया है कि बिधूड़ी और भाजपा के अन्य नेता उनकी छवि खराब करने के लिए प्रचार कर रहे हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 21 जनवरी को आरोपियों ने संवाददाता सम्मेलन कर डीजेबी और चड्ढा के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। 

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उच्च न्यायालय में दायर याचिका में बिधूड़ी ने दावा किया कि महानगर सरकार के कार्यों में हो रही अनियमितताओं का भंडाफोड़ करने में वह आगे रहे हैं जो कि लोकतंत्र में किसी भी विपक्षी दल का काम है और इसलिए डीजेबी में ‘‘कुप्रबंधन’’ को उजागर करने के लिए उनके खिलाफ मानहानि के आरोप नहीं लगाए जा सकते। याचिका में कहा गया है कि ये बयान मानहानिकारक प्रकृति के नही हैं क्योंकि इनमें शिकायतकर्ता के खिलाफ कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाए गए हैं। 

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निचली अदालत ने 18 नवंबर को बिधूड़ी एवं कई अन्य आरोपी भाजपा नेताओं -- आदेश गुप्ता, विजेंद्र गुप्ता और हरीश खुराना को मानहानि की शिकायत पर समन किया था। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट धर्मेन्दर सिंह ने अपने आदेश में कहा था कि नेता के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिये पर्याप्त सामग्री है और इसके बाद ही उन्होंने सभी को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया था।      

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