Friday, Apr 10, 2020
delhi high court to hear today a petition seeking uniform civil code

पूरे देश में लागू होगी समान नागिरक संहिता? आज दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई

  • Updated on 2/19/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) को लेकर दायर की गई याचिका पर आज दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court)  सुनवाई करने वाला है। इस मामले में कोर्ट ने केंद्र सरकार (Central Govt) को जवाब दाखिल करने को कहा था। पिछली सुनवाई में केंद्र ने कोर्ट से समान नागरिकता संहिता मामले में जवाब देने के लिए समय मांगा था। 

इम मामले में केंद्र ने कहा था कि ये एक बड़ा मुद्दा है। इसके हर पहलू पर विचार करके ही केंद्र अपना जवाब दाखिल करेगा। दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट नें समान नागरिकता संहिता को लेकर न्यायिक आयोग बनाने और ड्राफ्ट बनाने के संबंध में कई याचिकाएं दाखिल की गई है। कोर्ट इन सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करने जा रहा है। वहीं इस मामले पर केंद्रीय गृहमंत्रायल इस मामले पर कोर्ट से 5 बार समय मांग चुका है।   

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क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड
संविधान के भाग-4 में अनुच्छेद 44 में राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत में यूनिफॉर्म सिविल कोड की बात की गई है। संविधान कहता है कि सरकार इस बारे में विचार विमर्श करे, लेकिन सरकार इसके लिए बाध्य नहीं है। संविधान के अनुसार देश के लगभाग सभी मामलों में यूनिफॉर्म कानून लागू होता है, लेकिन शादी, तलाक और उत्ताराधिकार जैसे मुद्दों में पर्सनल लॉ के हिसाब से फैसला लिया जाता है।

भारत में गोवा एक ऐसा राज्य है जहां यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू है। देखा जाए तो अधिकतर विकसित देशों में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू है, लेकिन भारत में पिछले कई दशकों से ये मुद्दा बहस का विषय रहा है। 

 

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कब-कब उठी यूनिफॉर्म सिविल कोड की मांग
सुप्रीम कोर्ट में, कई मुद्दों में सुनवाई के दौरान यूनिफॉर्म सिविल कोड को लागू करने की बात को उठाया गया। जैसे शाह बानो के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि विवादित विचारधाराओं से अलग एक कॉमन सिविल कोड होने से राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा मिलेगा। वहीं एक और सरला मुद्गल केस में कोर्ट ने कहा था कि जब 80 फीसदी लोग को पर्सनल लॉ के दायरे में लाया गया है तो सभी नागरिकों के लिए यूनिफॉर्म सिविल कोड न बनाने की कोई बात नहीं रह जाती।

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