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IIT दिल्ली के स्टार्टअप ने दिव्यांग के लिए तैयार किए गेम्स

  • Updated on 2/17/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) के स्टार्टअप टचविजन ने दिव्यांग बच्चों के लिए खिलौनों के इस खालीपन को दूर करने के लिए कुछ खिलौने तैयार किए हैं। इन खिलौनों से ओटीसिटिक, बौद्धिक रूप से विकलांग, दृष्टिबाधित, बोलने-सुनने में असमर्थ बच्चे भी सामान्य बच्चों की भांति खेल सकते हैं। 

आईआईटी स्टार्टअप टचविजन की फाउंडर अंकिता गुलाटी ने बताया कि टच विजन ने असक्षम बच्चों के खेलने के उपकरणों पर काम किया है। जो उपकरण हमने तैयार किए हैं, अंतरराष्ट्रीय मार्केट में इस तरह के खिलौनों की कीमत 4000 रुपए से शुरू होती है। इसलिए भारत और अन्य विकासशील देशों में इस तरह के खिलौनों की उपलब्धता न के बराबर है। टचविजन के बनाए दो खिलौने टिक टैक टो और रूबिक क्यूब मात्र 250 और 350-500 रुपए तक में उपलब्ध है। विकलांग बच्चों के अभिभावक दूर-दूर से आकर इन खिलौनों को खरीद रहे हैं। 

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खिलौनों को लेकर अभिभावकों में उत्साह
बता दें इस तरह के खिलौने बनने की जानकारी होने पर हरियाणा राज्य के सिरसा में रहने वाली एक अभिभावक प्रियंका बस से ट्रैवल करके अंकिता तक पहुंचीं। उन्होंने अपने दृष्टिबाधित बेटे के लिए इस गेम्स को खरीदा है। प्रियंका का कहना है कि उनको एक बेटी भी है जोकि सामान्य है, लेकिन इस गेम के जरिए दोनों बच्चे खेलकर खुश हैं। वहीं बेंगलुरू की एक अन्य अभिभावक सोनिया ने अपनी 9 साल की दिव्यांग बेटी अमायरा के लिए भी टिक टैक टो गेम खरीदा है।

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जियो इनवायरमेंट कार्यक्रम आज से
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली ने पर्यावरणीय मृदा नमूने के लिए एक अत्याधुनिक उपकरण लिया है। ये उपकरण मिट्टी के निरंतर मुख्य नमूने प्रदान करने में सक्षम है, जिसे आईआईटी दिल्ली ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित शोध परियोजना के तहत खरीदा गया है। यह उपकरण भारत में अपनी तरह का पहला उपकरण है और आमतौर पर उच्च रिजॉल्यूशन साइट के लक्षण वर्णन के लिए उपयोग किया जाता है। 

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ऐसे जांच करता है उपकरण
इस उपकरण के बारे में आईआईटी दिल्ली सिविल इंजीनियरिंग विभाग में प्रो. मनोज दत्ता ने कहा कि दरअसल ये उपकरण यह जांचने में मदद करता है कि क्या असमान ठोस अपशिष्ट डंप या अपशिष्ट जल नालियों या तालाबों से उपजित प्रदूषण जमीन में प्रवेश कर गया है और यदि हां, तो किस गहराई तक प्रवेश किया है। इस उपकरण का 17 से 19 फरवरी तक संस्थान में आयोजित हो रहे जियो इनवायरमेंट 2020 कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शन किया जाएगा।

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