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दिल्ली: Electricle Vehicles को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने वर्किंग ग्रुप कमेठी गठित की

  • Updated on 8/10/2019

नई दिल्ली, 9 अगस्त (ताहिर सिद्दीकी):  राजधानी में दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन पॉलिसी 2018 को लागू करने से पहले दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के मकसद से वर्किंग ग्रुप गठित कर दी है। ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन (Satendra jain) ने डायलाग एवं डेवलपमेंट कमीशन (DDC) केउपाध्यक्ष जस्मिन शाह को वर्किंग ग्रुप का अध्यक्ष नियुक्त किया है जो इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का जाल तेजी से बिछाने में सक्रिय भूमिका निभाएगा।

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इलेक्ट्रिक वाहन पॉलिसी के तहत अगले 5 वर्ष में दिल्ली में जितने वाहनों का रजिस्ट्रेशन होगा,उसमें से 25 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन होंगे। ऐसे में 2023 तक पंजीकृत होने वाले वाहनों में 25 फीसदी इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन करने का लक्ष्य तय किया गया है।  

ऊर्जा विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए राजधानी में तेजी से काम किया जाएगा। इसके लिए चार्जिंग व्यवस्था को दुरूस्त करने पर तेजी से काम करने की योजना है। दिल्ली में चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण के लिए ऊर्जा विभाग,परिवहन विभाग,तीनों नगर निगम,एनडीएमसी व बिजली वितरण कंपनियों को साथ मिलकर काम करना है।
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इसके लिए वर्किंग ग्रुप को विभिन्न एजेंसियों के बीच कोआर्डिनेशन करने की जिम्मेदारी दी गई है। केंद्र सरकार के साथ भी उसे इस विषय पर सलाह-मशविरा करने की जिम्मेदारी दी गई है।दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन पॉलिसी 2018 के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में भारी बढ़ोत्तरी संभावित है और इसके लिए राजधानी में अभी से मूलभूत संरचना विकसित करने की दिशा में कवायद शुरू की गई है।

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ऊर्जा विभाग द्वारा वर्किंग ग्रुप गठित करने के साथ निर्देश दिया गया है कि प्रत्येक बैठक की विस्तृत जानकारी दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री,ऊर्जा मंत्री और केंद्र सरकार को भी देना है। वहीं, सरकार ने एक हजार इलेक्ट्रिक बसों के लिए कैबिनेट निर्णय लिया है और टेंडर की प्रक्रिया भी जारी है।

लेकिन इन बसों के सफल परिचालन के लिए मूलभूत संरचना का अभाव है और इस कारण बसों की टेंडर प्रक्रिया के साथ चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण बड़ी चुनौती है। इसका समाधान करने के उद्देश्य से चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का जिम्मा भी वर्किंग ग्रुप को सौंपा गया है।  

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