Thursday, Jun 30, 2022
-->
delhi nursery admission process affected due to coronavirus pandemic kmbsnt

कोरोना के कारण 4 महीने से अटकी है नर्सरी दाखिला प्रक्रिया

  • Updated on 8/10/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कोरोना महामारी के कारण सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ी है। पूरे वर्ष चलने वाली प्रवेश स्तर की परीक्षाओं पर बुरा असर पड़ा है। जिसके कारण दाखिला प्रक्रिया भी इससे अछूती नहीं रही है। कोरोना के कारण हुई स्कूल बंदी से 4 महीने से निजी स्कूलों में नर्सरी, केजी व पहली कक्षा में दाखिले की बाट जो रहे हजारों अभिभावक परेशान हैं।

हालांकि हर वर्ष आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (EWS) व वंचित वर्ग (DG) के अकादमिक सत्र देरी से शुरू होते हैं, लेकिन इस वर्ष दिसंबर तक सभी सीटें भर पाना मुश्किल है। साल के अंत तक निजी स्कूलों में 25 फीसदी आरक्षित कोटे के अंतर्गत आने वाली 50 हजार सीटों को भरा जाना है।

जानें दिल्ली के सरकारी स्कूलों में साइन्स/कॉमर्स/आर्टस के लिए चाहिए होंगे कितने अंक

29 फरवरी को निकला था पहला ड्रॉ
इसकी प्रक्रिया में 29 फरवरी को निकाले गए पहले कंप्यूटराइज्ड ड्रॉ में केवल 43000 सीटों को शामिल किया गया था। डिप्टी डायरेक्टर एजुकेशन पब्लिक स्कूल ब्रांच, योगेश प्रताप के पहला ड्रॉ अनुसार 43000 सीटों पर निकला था। अभी तक निदेशालय को मिले आंकड़ों में केवल 15000 सीटों को ही भरा जा सका है।

उत्तर प्रदेश: 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती मामले में सुनवाई आज, CBI जांच की मांग

'कोरोना के कारण स्कूल डेटा मिलने में देरी'
कोरोना की वजह से हो सकता है कि कुछ स्कूलों का डाटा ना मिल पाया हो। हम स्कूलों से जानकारी ले रहे हैं कि 43000 अभिभावकों में कितने अभिभावक स्कूल तक नहीं पहुंच सके हैं। बता दें कि मार्च से कोरोना संक्रमण के कारण पूरे देश में स्कूल और उच्च शैक्षिक संस्थान बंद हैं। निकट भविष्य में इनको कब तक खोला जा सकेगा इसके बारे में भी कोई निश्चित जानकारी नहीं है। 

comments

.
.
.
.
.