Wednesday, Apr 01, 2020
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ठाकुर, वर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कोई सबूत नहीं: पुलिस

  • Updated on 2/26/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। दिल्ली पुलिस (Delhi police) ने बुधवार को यहां एक अदालत को बताया कि केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) और भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा (Pravesh verma) के शाहीन बाग में सीएए-विरोधी प्रदर्शन के सिलसिले में दिये गये कथित घृणा भरे भाषण के मामले में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए प्रथम दृष्टया कोई संज्ञेय अपराध नहीं मिला है।

दिल्ली पुलिस ने अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट विशाल पाहुजा के समक्ष दाखिल कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) में यह बात कही। पाहुजा माकपा नेता वृंदा करात (Brinda Karat) की ठाकुर और वर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग के साथ की गयी शिकायत पर सुनवाई कर रहे थे। अदालत इस मामले में फैसला दो मार्च को सुनाएगी कि पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया जाए या नहीं। अदालत ने पांच फरवरी को पुलिस को एटीआर दाखिल करने का निर्देश दिया था।
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 मामले में कानूनी राय मांगी गई
अदालत के सूत्रों ने कहा कि बुधवार को दाखिल एटीआर में पुलिस ने कहा कि मामले में कानूनी राय मांगी गयी है। पुलिस ने अदालत से अंतिम रिपोर्ट जमा करने के लिए और समय देने का अनुरोध किया। रिपोर्ट के अनुसार ‘ठाकुर द्वारा रैली में इस्तेमाल किया गया गद्दार शब्द समाज के किसी वर्ग विशेष की ओर इशारा नहीं करता। अनुमान और अटकलें किसी कानूनी राय का आधार नहीं हो सकतीं।’ इसमें कहा गया, ‘जिस भाषण का जिक्र है, उसमें वक्ता प्रदर्शनकारियों के एक समूह की ओर इशारा कर रहे हैं और किसी समुदाय विशेष की ओर इशारा नही कर रहे।’ रिपोर्ट के मुताबिक, ‘वह भीड़ को कोई दंगा शुरू करने या प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बदले की कार्रवाई करने के लिए नहीं उकसा रहे।’ 
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जामिया में गोली चलने के आरोप सही नहीं पाए गए
रिपोर्ट में कहा गया कि ठाकुर और वर्मा के बयान से उकसावे के बाद जामिया मिलिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia) में गोली चलने के आरोप सही नहीं पाये गये क्योंकि विश्वविद्यालय में कथित तौर पर गोली चलाने वाले किशोर ने अपने कृत्य के लिए ठाकुर या वर्मा में से किसी की बात से उकसावे में आने की बात नहीं कही है। इसमें कहा गया, ‘पूरी तरह स्पष्ट है कि शिकायतकर्ता अनुमान लगा रही हैं जो कानूनी रूप से विचारणीय नहीं है।’ इसमें यह भी कहा गया कि शिकायतकर्ता ने हिंसा की जिन घटनाओं का जिक्र किया है, उनके बारे में पहले ही स्पष्ट हो चुका है कि दोनों ही अलग-अलग हैं और उनका भाषणों से कोई लेना-देना नहीं है।
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ठाकुर और वर्मा ने उकसाने का प्रयास किया
करात ने अपनी शिकायत में कहा था,‘ठाकुर और वर्मा ने लोगों को उकसाने का प्रयास किया और परिणामस्वरूप दिल्ली में दो अलग-अलग प्रदर्शन स्थलों पर गोलीबारी की तीन घटनाएं घटीं।’ वित्त राज्य मंत्री और भाजपा नेता ठाकुर ने 27 जनवरी को यहां रिठाला में एक रैली में सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधते हुए ‘गद्दारों को गोली मारो’ वाला नारा भीड़ से लगवाया था। भाजपा सासंद प्रवेश वर्मा ने 28 जनवरी को कहा था कि कश्मीर में जो कश्मीरी पंडितों (Kashmiri Pandit) के साथ हुआ वह दिल्ली में भी हो सकता है। साथ ही चेताया था कि शाहीन बाग में सीएए के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लाखों लोग घरों में घुस कर लोगों की हत्या और महिलाओं के साथ बलात्कार कर सकते हैं।

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