Thursday, Jan 23, 2020
delhi pollution essay viral on social media

बहुत हुआ गाय पर Essay अब पढ़िये 'दिल्ली प्रदूषण के त्योहार' पर बच्चे का ये अतरंगी निबंध

  • Updated on 11/19/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। आप जब स्कूल (School) में होंगे तो आपने गाय पर निबंध जरुर लिखा होगा। गाय हमारी माता है, गाय के चार पैर होते हैं। लेकिन कभी प्रदूषण एक त्योहार है इस निबंध के बारे में सुना है। आज हम आपको बताते हैं एक ऐसे ही निबंध के बारे में। दिल्ली (Delhi) एनसीआर में फैल रहे प्रदूषण (Pollution) को देखते हुए दिल्ली के एक छोटे छात्र ने आसमान में फैल रहे प्रदूषण पर निबंध लिख दिया। जो सोशल मीडिया (Social media) पर काफी वायरल हो रहा है। 
 
क्या लिखा है निबंध में-

दिल्ली में फैल रहे प्रदूषण की बात करते हुए निबंध में लिखा गया ,'अब से प्रदूषण दिल्ली का प्रमुख त्योहार है। यह हमेशा दिवाली के बाद शुरू होता है। इसमें हमें दिवाली से भी ज्यादा छुट्टियां मिलती हैं। दिवाली में हमें चार छुट्टियां मिलती हैं। लेकिन प्रदूषण में हमें 6+2 = 8 छुट्टियां मिलती हैं। इसमें लोग अलग-अलग मास्क पहनकर घूमते हैं। घरों में काली मिर्च, शहद, अदरक ज्यादा प्रयोग किए जाते हैं। यह बच्चों के लिए अधिक प्रिय है।'

20 नवंबर से बढ़ सकता है प्रदूषण
20 नवम्बर के बाद एक्यूआई (AQI) फिर बढ़ सकता है। हालंकि पराली पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind kejriwal) ने और मौसम पर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने भी टिप्पणी की। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पराली जलनी बंद हो गई और इसके साथ ही हवा भी साफ  हो गई। कुछ लोग कह रहे थे दिल्ली की हवा में केवल 5 फीसदी ही फसलों का प्रदूषण है तो क्या केवल 5 प्रतिशत प्रदूषण कम होने से एयर कवालिटी इंडैक्स 500 से ज़्यादा से 200 से कम हो गया।

अगर मेरे जलेबी खाने से प्रदूषण बढ़ रहा है तो मैं हमेशा के लिए इसे छोड़ दूंगा- गौतम गंभीर

ऐसे बढ़ा दिल्ली में प्रदूषण
उन्होंने कहा कि प्रदूषण पर राजनीति नहीं साफ नीयत से सबको मिलकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हल्फनामा देकर कहा था कि प्रदूषण में पराली का योगदान पांच प्रतिशत है। हालांकि दिल्ली में इस तरह को कोई व्यवस्था नहीं है जिससे यह साफ हो सके कि प्रदूषण में किस चीज का कितना योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में जल रही पराली ने ही उत्तर भारत की हवा को प्रदूषित किया।

नासा की तरफ से जारी तस्वीरों से इसकी पुष्टि होती है। जिसमें साफ  है कि जिस तरह पराली जलने की घटनाएं बढ़ी, उसी लिहाज से उत्तर भारत की हवा भी प्रदूषित होती चली गई। नासा की तरफ से जारी ताजा तस्वीरों में पराली जलना कुछ कम हुआ है। इसी कारण दिल्ली समेत उत्तर भारत की हवा में भी प्रदूषण कम हुआ था। इसके बाद सीएम ने दिल्ली के साफ आसमान की फोटो ट्वीट कर लिखा कितना सुंदर शहर है हमारा।

जरा सोचिए, अगर पराली जलनी बंद हो जाए तो पूरा साल ऐसा ही नीला आसमान नजऱ आएगा और हमारी सेहत भी सुधर जाएगी। दिल्ली के अपने प्रदूषण को भी हमें और कम करना है। बिना पराली के धुएं वाली, दिल्ली की आज की शाम, राजघाट के पास से...कहते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी एक फोटो ट्वीट की। 

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