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Delhi Pollution Stubble Burning Air Quality Index KMBSNT

प्रदूषण की चपेट में दिल्ली! 73 अंक खिसका AQI, हवा अब भी खराब

  • Updated on 10/17/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। शुक्रवार को राजधानी में सुबह हल्की धुंध तो नजर आई लेकिन वायु गुणवत्ता (Air Quality) गुरुवार की तुलना में बेहतर रही है। अलग बात है कि अभी भी है खराब श्रेणी में ही दर्ज की जा रही है। पराली (Stubble Burning) प्रदूषण में मुख्य वजह बन कर पीएम 2.5 का स्तर बढ़ा रही है, जबकि शुक्रवार को औसत एक्यूआई (AQI) 239 रहा और दिल्ली के कई इलाकों में हवा बेहद खराब रही।

सफर के मुताबिक हवा में आई गति के कारण यह मामूली सुधार है, लेकिन अभी हवा का स्तर खराब श्रेणी में ही रहेगा। दूसरी तरफ पंजाब, हरियाणा और सीमावर्ती इलाकों में पराली जलाने के मामलों की संख्या लगभग 583 दिखाई दी है और सबसे बड़ी बात यह है कि अभी हवा का रुख भी ऐसा ही है कि वह पराली का धुआं दिल्ली की ओर ले कर आएगी। 

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पराली के चलते पीएम 2.5 का स्तर बढ़ा
सफर के वैज्ञानिकों के मुताबिक पराली के चलते पीएम 2.5 का स्तर जहां बढ़ा है, वह लगभग 18 से 20 फ़ीसदी तक पहुंच गया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक राहत स्थाई नहीं है और 18 अक्टूबर तक संभव है। उन्होंने कहा कि इसी तरह खराब हवा का स्तर बना रहेगा। रविवार के बाद थोड़ी राहत और संभव है, लेकिन हवाओं ने रुख बदला तभी राहत मिलेगी। 

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पराली और स्थानीय कारण प्रदूषण की मुख्य वजह
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली में पिछले साल की तुलना में इस साल सितंबर के बाद से प्रदूषकों के व्यापक स्तर पर फैलने के लिए मौसम अत्यधिक प्रतिकूल रहा है। प्रदूषण के लिए तीन मुख्य वजह है, जिसमें मौसम के बाद पराली आदि व स्थानीय कारण प्रमुख हैं।

बोर्ड के चेयरमैन शिवदास मीणा ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ सालों में प्रदूषण का स्तर में गिरावट देखी गई है। उन्होंने कहा कि आज सिर्फ ऐसा नहीं है कि सर्दियों के मौसम में ही कोई एक्शन लेते हैं, बल्कि पूरे साल यह प्रोसेस चलता रहता है। क्षेत्र का दौरा करने के लिए हमने विशेष टीमों का गठन किया है।

मीणा ने कहा कि इस साल अब तक पराली जलाने की कहीं अधिक घटनाएं दर्ज की गई है क्योंकि धान की फसल की कटाई जल्द हो रही है उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि संपूर्ण आंकड़े पिछले साल की तुलना में कम रहेंगे। 

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