Tuesday, Apr 13, 2021
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प्रदूषण को लेकर बनी SC की कमेटी का AAP ने किया स्वागत, कहा- साबित हुआ पराली है असली समस्या

  • Updated on 10/17/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली के आसपास के क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण (Pollution) को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की ओर से पंजाब हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने पर नजर रखने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश मदन बी लोकुर के अध्यक्षता में कमेटी बनाने के फैसले का आम आदमी पार्टी (AAP) ने स्वागत किया है।

आप के मुख्य प्रवक्ता और विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने साबित किया है कि सर्दियों में प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण पराली है और केंद्र सरकार हरियाणा, यूपी और पंजाब की सरकारी पराली जलाने से रोकने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। उन्होंने कहा कि आज पूरे उत्तर भारत के लिए प्रदूषण सबसे गंभीर मुद्दा है।

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केंद्र और दिल्ली सरकार में जुबानी जंग
बता दें कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण का बड़ा कारण पराली को मानने वाली आम आदमी पार्टी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार के बीच एक बार फिर से इम मुद्दे पर आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। इससे पहले पराली से होने वाले प्रदूषँ के मुद्दे को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर आमने सामने आ चुके हैं। 

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CPCB ने बनाई एक टीम
दरअसल प्रदूषण की रोकथाम के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से 50 टीमें बनाई गई हैं। एनसीआर में पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह टीमें 28 फरवरी तक प्रभावी रहेंगी। नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर, पानीपत, सोनीपत, भिवाणी, अलवर और भरतपुर में यह टीमें दौरा करेंगी। 

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4 प्रतिशत प्रदूषण पराली से- जावड़ेकर
इसी की जानकारी देते हुए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि स्टबल बर्निंग में दिल्ली के वातावरण में केवल 4% प्रदूषकों का योगदान है, बाकी धूल, निर्माण और जलने जैसे स्थानीय कारकों के कारण प्रदूषण बढ़ा है। जावड़ेकर के इसी बयान का जवाब देते हुए सीएम केजरीवाल ने ट्वीट किया कि बार-बार इनकार करने से कोई सहायता नहीं होगी।  यदि पराली जलने से केवल 4% प्रदूषण होता है, तो प्रदूषण में अचानक कुछ समय पहले ही वृद्धि क्यों हुई है? उससे पहले हवा साफ थी। एक ही कहानी हर साल। इस लेवल तक प्रदूषण को बढ़ाने के लिए किसी भी स्थानीय स्रोत में भारी उछाल नहीं आया है?

बता दें कि अक्टूबर महीने की शुरुआत से दिल्ली में प्रदूषण की समस्या बढ़ने लगी है। हवा की धीमी गति, पराली का जमता धुआं, धूल और गाड़ियों के प्रदूषण के कारण दिल्ली में लगातार प्रदूषण की समस्या बढ़ रही है। जिसके कारण अब लोगों को स्वास्थ्य की समस्याएं भी होने लगी हैं। 

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