Delhi register more dengu cases in the end of year due to heavy rain

वर्ष के अंत तक डेंगू के मामलों में आ सकती है तेजी

  • Updated on 10/4/2019

नई दिल्ली/अंकुर शुक्ला। राजधानी दिल्ली (Delhi) में अब तक मच्छर जनित बीमारियां नियंत्रित है लेकिन वर्ष के अंत (Year end) तक मच्छर जनित बीमारियों का जोर बढ़ सकता है। अक्तूबर (October) का महीना आ चुका है लेकिन गर्मी का आलम यह है कि घरों में अब भी पंखे और एसी चलाने की जरूरत पड़ रही है। इस वर्ष पड़ी रिकॉर्डतोड़ गर्मी और भारी बारिश से माहौल में जिस तरह से आद्र्रता पैदा हुई है, वह मच्छरों के पनपने के लिए बेहद मुफीद साबित होगा।  

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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस को बताया डेंगू का बड़ा कारण 
विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) के विशेषज्ञों ने प्लास्टिक को डेंगू (Dengu) का बड़ा कारण माना है। हालांकि, देश में अब सिंगल यूज प्लास्टिक को प्रतिबंधित कर दिया गया है लेकिन पहले से मौजूद प्लास्टिक के निस्तारण को लेकर बड़ी सावधानी बरतने की जरूरत होगी। सफदरजंग अस्पताल के सामुदायिक मेडिसिन विभाग के निदेशक  जुगल किशोर के मुताबिक भी इधर-उधर फैले प्लास्टिक में बड़ी आसानी से डेंगू-चिकनगुनिया फैलाने वाले मच्छर पनप सकते हैं।

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निगम की ताजा रिपोर्ट बढ़ते प्रभाव की तरफ कर रही है इशारा 
राजधानी में तमाम कोशिशों के बाद डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामलों में तेजी आती हुई दिखाई दे रही है। आलम यह है कि मलेरिया और चिकनगुनिया ने तो पिछले साल के आंकड़ों को भी पीछे छोड़ दिया है। 

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दिल्ली नगर निगम की रिपोर्ट के मुताबिक

नगर निगम (Delhi Municipal Council) की ताजा रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है।  महज एक हफ्ते में ही डेंगू के 65 नए मामले सामने आ चुके हैं। वहीं इस वर्ष डेंगू (Dengu cases) के कुछ मामलों की संख्या 282 जा पहुंची है। वहीं, मलेरिया और चिकनगुनिया (Chikungunya) भी तेजी से अपना प्रभाव बढ़ाता हुआ दिख रहा है। महज एक हफ्ते में जहां मलेरिया (Malaria) के 64 नए मामले सामने आ चुके हैं। जबकि इस वर्ष मलेरिया के कुछ 368 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। पिछले वर्ष मलेरिया ने 308 लोगों को बीमार किया था।

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