दिल्ली-रेवाड़ी रेल सेक्शन को मिला सेफ्टी क्लियरेंस, अब दौड़ेंगी ट्रेनें

  • Updated on 1/15/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। जल्द ही दिल्ली रेवाड़ी रेल रूट पर पैसेंजर ट्रेनें तेज गति से दौड़ पाएंगी। सोमवार इस रूट के निरीक्षण को लेकर दिल्ली डिविजन को सेफ्टी क्लियरेंस मिल गया। 

दिल्ली डिविजन के डीआरएम आर.एन. सिंह ने बताया कि दिल्ली वाया गुरुग्राम-रेवाड़ी (78 कि.मी.) रेल रूट का सेफ्टी क्लियरेंस मिलने के बाद अब इस रूट पर तकनीकी व्यवस्था को दुरुस्त कर डीजल मल्टीपल यूनिट (डीएमयू) की जगह ईएमयू और मेमू ट्रेन चलाई जाएगी।

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उल्लेखनीय है कि 10 जनवरी को इस रूट का रेलवे संरक्षा आयुक्त शैलेष पाठक ने निरीक्षण किया था। दिल्ली-रेवाड़ी रेल रूट पर विद्युतचालित ट्रेनें चलाने को लेकर दिल्ली डिविजन ने तैयारी शुरू कर दी है। वर्तमान में चल रही डीएमयू ट्रेन की जगह इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (ईएमयू) और मेन लाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (मेमू) चलाई जाएगी। 

इसके लिए मैकेनिकल और इंजीनियरिंग 
विभाग के इंजीनियर भी जुट गए हैं। इलेक्ट्रिफिकेशन के बाद विद्युतचालित ट्रेनों के चलने और फ्रिक्वेंसी व स्पीड में सुधार से इससे करीब एक लाख यात्रियों को राहत मिलने की बात कही गई है। 

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बता दें कि दिल्ली रेवाड़ी रेल रूट डीजल इंजन की जगह इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ेगी। इस रूट पर दो दर्जन से अधिक एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों के अलावा मालगाड़ी चलती है।

इलेक्ट्रिफिकेशन के बाद विद्युतचालित ट्रेनों के चलने और फ्रिक्वेंसी व स्पीड में सुधार से इससे करीब एक लाख यात्रियों को राहत मिलने की बात कही गई है। उत्तर रेलवे के अनुसार विद्युतीकरण से न केवल ट्रेनों की स्पीड बढ़ेगी दूसरी तरफ रेलवे को राजस्व में भी लाभ मिलेगा। 

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दैनिक यात्री संघ पालम के महासचिव बालकृष्ण अमरसरिया ने कहा कि विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने के बाद दिल्ली रेवाड़ी रूट पर कम समय लगेगा। लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेन भी इसी रूट से भी चलेगी। इस रूट पर करंट भी छोड़ा जा चुका है।

दिल्ली सराय रोहिल्ला- रेवाड़ी सेक्शन के अलावा पूरे दिल्ली-अहमदाबाद रेल रूट को विद्युतीकरण करने के लिए 2013-14 के रेल बजट में घोषणा भी की गई थी। विद्युतीकरण के लिए इस पर 593.97 करोड़ रुपए खर्च हुए है। रेलवे के अनुसार डीजल की जगह विद्युत से ट्रेनों के परिचालन होने से पर्यावरण को भी लाभ होगा।  

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