Thursday, May 13, 2021
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दिल्ली दंगा: जरूरत पड़ी तो फिर से वही करूंगा जो 23 फरवरी को किया- कपिल मिश्रा

  • Updated on 2/23/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। आज दिल्ली दंगा (Delhi Riots) को एक साल पूरा हो चुका है। संशोधित नागरिकता कानून (CAA) और एनआरसी (NRC) को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन किस प्रकार भड़ाऊ बयान बाजियों से दंगों में तब्दील हुए ये पूरी दुनिया ने देखा। वहीं बीजेपी नेता कपिल मिश्रा (Kapil Mishra) का कहना है कि जो उन्होंने 23 फरवरी को किया अगर वो फिर से करना पड़े तो वो जरूर करेंगे। सोमवार को कॉन्सिटिट्यूशन क्लब में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ये बात कही। 

कपिल मिश्रा ने कहा कि आज एक साल हो गया है, इसलिए यह बात दोबारा बोलना चाहता हूं। 23 फरवरी पिछले साल जो किया, अगर रुरत पड़े तोह दोबारा कर लूंगा। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात का पछतावा नहीं है। केवल एक दुख है कि हम आईबी अधिकारी अंकित शर्मा और कॉन्स्टेबल रतन लाल को नहीं बचा सके।

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भारत विरोधी ताकतें दंगों के लिए दे रही पैसा
कपिल मिश्रा ने कहा कि जिहादी ताकतों द्वारा दिल्ली में दंगों करवाए पूरा एक साल हो गया है। बिल्कुल वैसा ही पैटर्न अब भी देखा जा रहा है, जैसे गणतंत्र दिवस पर क्या हुआ था। तथाकथित फ्रिंज तत्व देश की राजधानी में अशांति फैलाना चाहते हैं। इनको भारत विरोधी ताकतों द्वारा पैसा दिया जा रहा है। भारत के भीतर और बाहर, दोनों जगह ये ताकतें भारत में अशांति के लिए पैसा दे रही हैं। उन्होंने कहा, प्रदर्शन से दंगों तक का मॉडल बहुत स्पष्ट है। 

कपिल मिश्रा ने किया था CAA समर्थक रैली का नेतृत्व
जानकारी के लिए आपको बता दें कि कपिल मिश्रा ने पिछले साल पूर्वोत्तर दिल्ली में एक संशोधित नागरिकता कानून के समर्थन में एक रैली का नेतृत्व किया था और पुलिस को चेतावनी दी थी कि वे इस क्षेत्र से सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों को हटा दें, अगर पुलिस ऐसा करने में विफल होती है तो वो सड़कों पर होंगे। 

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मिश्रा ने पुलिस को दिया था अल्टीमेटम
पिछले साल 23 फरवरी को कपिल मिश्रा के द्वारा ट्वीट किए गए एक वीडियो में, मिश्रा को मौजपुर ट्रैफिक सिग्नल के पास एक समर्थक-सीएए सभा को संबोधित करते हुए और डीसीपी (नॉर्थ ईस्ट) वेद प्रकाश सूर्या के सामने खड़े देखा जा सकता है जब वह सीएए विरोधियों को हटाने के लिए पुलिस को अल्टीमेटम जारी कर रहे थे। इसके अगले दिन ही इस इलाके में दंगे शुरू हो गए। इन दंगों में 53 लोगों की जान गई और 200 से ज्यादा घायल हुए। करोड़ों की संपत्ति को जलाकर राख कर दिया गया। 

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