Monday, Sep 27, 2021
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delhi riots victim in trouble due to rain

दिल्ली हिंसा: बारिश ने बढ़ाई पीड़ितों की परेशानी, टैंट में भरा पानी ही पानी

  • Updated on 3/7/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली हिंसा (Delhi Violence) में किसी तरह अपनी जान बचा सके दंगा पीड़ितों पर अब प्रकृती का प्रहार हो रहा है। दिल्ली में हुई बारिश के चलते राहत शिविरों में रह रहे पीड़ितों के लिए एक बार फिर मुश्किलों का दौर शुरू हो चुका है। मुस्तफाबाद (Mustafabad) में सबसे ज्यादा पीड़िता शरण लिए हुए हैं, वहीं वहां के राहत शिविरों में पानी भर गया है। कैंप में पानी भर जाने के कारण वहां रह रहे दंगा पीड़ितों को बैठने तक के लिए स्थान नहीं मिल पा रहा है। टैंट के अंदर पानी घुस चुका है, जो परेशानी का सबब बना हुआ है। इसी साथ दिल्ली सरकार (Delhi Govt) के बड़े-बड़े दावों की भी पोल खुल गई है।  

उत्तरपूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में सैकड़ों लोगों के घर जलकर खाक हो गए। अब दिल्ली सरकार ने उनके लिए जिन राहत शिविरों का इंतजाम किया उनमें भी पानी भर गया है। शिविरों में लगाए गए टैंट कपड़े के हैं। अब बारिश से ये टैंट न सिर्फ पूरी तरह भीग गए हैं बल्कि इनके अंदर पानी भर गया है। हालत ये है कि लोगों को बैठने के लिए भी जगह नहीं है। दरियां, बिस्तर सब कुछ गीला हो चुका है। 

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सरकार करे साथ एनजीओ भी कर रहे मदद
दिल्ली सरकार के साथ साथ कई एनजीओ भी पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए हैं। पीड़ितों के लिए खाना, पानी, बिस्तर, दवाई आदी कई जरुरत की जीजों का इंतजाम किया गया है। हालांकि ये सब भी पर्याप्त नहीं हैं क्योंकि मुस्तफाबाद में बड़ी संख्या में लोग शरण लिए हुए हैं। 

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दंगों में 50 से ज्यादा लोगों की मौत
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप 24 फरवरी को भारत दौराे पर आए थे। उनके आने से कुछ समय पूर्व ही उत्तरपूर्वी दिल्ली में जो हिंसा भड़की वो तीन दिन तक लगातार चलती रही। इस हिंसा में मरने वालों की संख्या अब 50 पार पहुंच चुकी है। वहीं इस हिंसा में करीब 200 लोग घायल हुए थे। कई घायलों का इलाज अब भी अस्पताल में चल रहा है। वहीं हिंसा में जिन लोगों के घर जला दिए गए वो राहत शिविरों में रहने के लिए मजबूर हैं। कई लोग ऐसे भी हैं जिनके अपनों का अब तक कोई पता नहीं है। वो अस्पतालों में अपनों को खोजने के लिए दिन रात चक्कर काट रहे हैं। 

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पीड़ितों को करनी होगी मदद
दिल्ली सरकार का कहना है कि वो पीड़ितों की सहायता के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। पीड़ितों को मुआवजा देने की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। वहीं जिन स्कूलों को दंगों के दौरान स्वाहा कर दिया गया था उनकी मरम्मत करने का काम भी दिल्ली सरकार ने जल्द से जल्द करने का वादा किया है। फिलहाल 2 दिन हुई बारिश ने राहत शिविरों में रह रहे पीड़ितों की परेशानी बढ़ा दी है। इस पर सरकार आगे क्या कदम उठाती है इसका सभी को इंतजार है। 

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