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दिल्ली के नामचीन स्कूलों में एडमिशन के नाम पर ठगी करने वाली महिला गिरफ्तार

  • Updated on 8/14/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली के नामचीन स्कूलों में दाखिला कराने के नाम पर महिला के द्वारा धोखाधड़ी कर दी गई। महिला का कहना था कि 70 हजार दो किसी भी स्कूल में दाखिला करवा सकती हुं। वह दिल्ली सरकार में गहरी पैठ होने की बात कह कर लोगों को अपने जाल में फंसाती थी।  

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अपने इस गौरख धंधे को अंजाम देने के लिए उसने एक महिला को मोहरा बनाया। पैसों के लालच में वह महिला अपने जानकारों, दोस्तों, रिश्तेदारों को दाखिला कराने के जाल में फंसा कर महिला तक पहुंचाती थी। बहुत से लोगों से दाखिले के नाम पर पैसे लेने के बाद वह स्कूलों में दाखिला नहीं करा सकी। लोगों ने आरोपित महिला से अपने पैसे मांगे तो वह फरार हो गई। फर्जी तरीके से ईडब्ल्यूएस में दाखिला कराने वालों को ना तो दाखिला मिला ना ही उनके पैसे वापस मिले हैं।  दाखिले के नाम पर हुई ठगी की सूचना  व शिकायत कुछ लोगों ने थाना मधु विहार पुलिस को दी। पुलिस ने आरोपित महिला की तलाश शुरू की। पुलिस ने मंगलवार को महिला को गिरफ्तार कर लिया।

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पुलिस के मुताबिक, लक्ष्मी अपने बेटे का दाखिला ईडब्ल्यूएस (ECW) कैटेगरी के माध्यम से किसी नामचीन स्कूल में करावाना चाहती थी। इसी दौरान महिला आरती दुबे से उसकी मुलाकात हुई। आरती ने उसे बताया कि उसकी दिल्ली सरकार में उसकी अच्छी जान पहचान है और वह आसानी से किसी भी स्कूल में ईडब्ल्यूएस कोटे में दाखिला करवा सकती है। लक्ष्मी ने आरती से बेटे का दाखिला कराने के लिए कहा। आरती ने लक्ष्मी से बच्चे के दाखिला कराने के लिए  70 हजार रुपये मांगे। उसने कहा कि दो बच्चों का दाखिला करने पर वह पैसे कम कर देगी। लक्ष्मी (Laxmi) ने अपने बच्चे के दाखिले के लिए खुद के तो पैसे दिए ही, इसके अलावा अपने जानकारों को भी ईडब्ल्यूएस कोटे में दाखिला दिलाने के बात बताई।

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पुलिस के मुताबिक लक्ष्मी ने अलग अलग दोस्तों से पैसे इकट्ठा करके साढ़े 4 लाख रुपए आरती को दिए। आरती ने दावा किया कि मई में बच्चों का एडमिशन हो जाएगा। मई में सभी महिलाएं अपने बच्चों को लेकर स्कूल के गेट पर पहुंची, तो वहां भी आरती ने कहा कि प्रिंसिपल से बात हो गई है और वह धीरे-धीरे करके बच्चों का दाखिला ले लेंगी। हालांकि लंबा समय बीत जाने के बाद भी किसी बच्चे का दाखिला नहीं हुआ। जब महिलाओं ने आरती से कारण पूछा तो आरती लंबे समय तक उनको टालती रही। हालांकि जब महिलाओं ने ज्यादा दबाव बनाया तो आरती ने करीब डेढ़ लाख रुपए लक्ष्मी को लौटा दिए और एक-एक लाख रुपये का दो चेक काटकर दे दिया। चेक मिलने पर महिलाओं ने बैंक में लगाया, लेकिन चेक बाउंस हो गया। इसके बाद महिलाओं ने मामले की सूचना मधु विहार पुलिस को दी।

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