Wednesday, Sep 28, 2022
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दिल्ली सरकार ने शुरू किया कौशल और उद्यमिता विश्वविद्यालय, CM केजरीवाल ने जताई खुशी

  • Updated on 10/12/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली कौशल और उद्यमिता विश्वविद्यालय (Delhi Skill and Entrepreneurship University) की पहली बोर्ड बैठक आज आयोजित की गई। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind kejriwal) ने ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मैंने यूविर्सिटी के सभी बोर्ड सदस्यों से मुलाकात की। विश्वविद्यालय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यहां से पास होने वाले छात्रों को मनचाहा रोजगार मिले। अगले सत्र से यहां दाखिला शुरू हो सकेंगे।

सीएम केजरीवाल ने कहा कि हमारे देश में दो तरह के युवा हैं, एक तो वो जिनको पढ़ाई करने का मौका ही नहीं मिलता और दूसरे वो जिनको पढ़ाई लिखाई के बाद नौकरी नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि हमारे देश में पढ़ाई का सिस्टम कुछ ऐसा है जो युवाओं को रोजगार के लिए तैयार नहीं करता।

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बच्चों की दी जाएगी ट्रेनिंग
दिल्ली में एक ऐसी यूनिवर्सी बनाई गई है जो बच्चों को नौकरी और खुद के व्यवसाय के लिए तैयार करेगी। उसमें बच्चों को नौकरी करने के लिए तैयार करेंगे। ट्रेनिंग कराएंगे। यहां से पढ़कर जो बच्चे निकलेंगे वो नौकरी जरूर पाएंगे। जो बिजनेस करना चाहेंगे वो बिजनेस कर सकेंगे।

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ये दिग्गज हैं यूनिवर्सीटी के बोर्ड मेंबर
सीएम केजरीवाल ने कहा कि आज इस यूनिवर्सिटी के बोर्ड मेम्बर्स का चयन कर लिया गया है। बोर्ड की आज पहली बैठक हुई। प्रोफेसर निहारिका वोहरा को इस यूनिवर्सिटी का वाइस चांस्लर बनाया गया है। इनको 20 साल का पढ़ाने का अनुभव है और इन्होंने आईआईएम अहमदाबाद में काम किया है। बोर्ड के मेंबर भी बहुत अनुभवी लोगों को बनाया गया है। इनमें डॉक्टर प्रमथ राज सिन्हा, प्रमोद सिंह जिन्होंने जैनपेक शुरू किया, संजीव मीरचंदानी, श्रीकांत शास्त्री, जी श्रीनिवासन जैसे अनुभवी लोगों को शामिल किया गया है।

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कुछ माह पहले यूनिवर्सिटी के लिए हुआ था बिल पास
सीएम ने कहा कि इस यूनीवर्सिटी के लिए हमने कुछ माह पहले दिल्ली विधानसभा में बिल पास किया था। सीएम ने कहा कि ये बोर्ड मेंबर्स बहुत अधिक अनुभवी हैं। वहीं जो कंपनियां नौकरी देने वाली हैं वो एक तरह से इनके कस्टमर हैं। जो भी कोर्स ये डिजाइन करें वो पहले कंपनी को दिखा लें, कि अगर हम ये पढ़ाएंगे तो क्या तुम नौकरी दोगे?  कंपनियां कहेंगी कि कोर्स ठीक नहीं है तो उस कोर्स को नहीं रखा जाएगा। आज हमारे बहुत सारे युवा बेरोजगार हैं। दूसरी ओर हम कंपनियों के लोगों से बात करते हैं तो वह कहते हैं कि प्रशिक्षित कर्मचारी नहीं हैं। यह यूनीवर्सिटी इस समस्या को दूर करेगी।

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