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लॉकडाउन में बढ़ी घरेलू हिंसा, दिल्ली तीसरे स्थान पर, बाकी राज्यों का है ये हाल...

  • Updated on 5/17/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन होने पर घरों में बंद हुए परिवारों में घरेलू हिंसा के मामला बढ़ते जा रहे हैं। पिछले 2 महीनों में यह मामले देशभर में तेजी से बढ़े हैं। इस बारे में राष्ट्रिय विधिक सेवा प्राधिकरण ने एक रिपोर्ट जारी की है। जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुआ हैं

इस रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू हिंसा के मामलों में दिल्ली तीसरे स्थान पर है जबकि पहले स्थान पर उत्तराखंड और दूसरे स्थान पर हरियाणा राज्य है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि 15 मई तक कई तरह के घरेलू केस दर्ज किए गये हैं, जिनके आधार पर शहरों की लिस्ट बनाई गई है।

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ऐसे दर्ज किए गये मामले
रिपोर्ट के अनुसार, दो महीने के दौरान सबसे ज्यादा घरेलू हिंसा से जुड़े मामले सबसे ज्यादा उत्तराखंड में दर्ज किए गये। यहां 144 मामले दर्ज हुए। इसके बाद हरियाणा में 79 मामले सामने आए और दिल्ली में 63 मामले दर्ज हुए।

वहीँ, राष्ट्रिय विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष ने बताया कि घरेलू हिंसा की रिपोर्ट तैयार करने के लिए 28 अलग-अलग राज्यों का डेटा इकट्टा किया गया है।

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ये था रिपोर्ट का आधार
राष्ट्रिय विधिक सेवा प्राधिकरण ने इस डेटा के लिए किराएदार, प्रवासी कामगार और रिहा किए गए कैदियों के भी आंकड़े इसमें शामिल किए गये हैं। बताया जा रहा है कि लोग घरों में बंद होने की वजह से आपस में खीजते जा रहे हैं जो हिंसा का कारण बनता है।

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महिला आयोग को भी मिले कई मेल
वहीँ, घरेलू हिंसा को लेकर राष्ट्रिय महिला आयोग का कहना है कि 24 मार्च से लेकर अप्रैल माह तक घरेलू हिंसा की शिकायत से जुड़े कई मेल उन्हें आए थे। पहले 64 के करीब मेल आये थे बाद में इनकी संख्या बढ़ती गई। ये आंकड़े और भी ज्यादा हो सकते हैं क्योंकि ज्यादातर शिकायतें डाक के द्वारा आती है और अभी लॉकडाउन के कारण डाक मिल पाना मुश्किल है।

यहां पढ़ें कोरोना से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरें..

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