Saturday, Apr 04, 2020
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#DelhiRiots2020: गृह मंत्री शाह को हटाने के लिए सोनिया- मनमोहन ने राष्ट्रपति से लगाई गुहार

  • Updated on 2/27/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली (Delhi) में बीते चार दिनों में हुई हिंसा को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) की अगुवाई में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ram Nath Kovind) से मिलने पहुंच गया। शिष्टमंडल ने दिल्ली हिंसा (Delhi Violence) मामले में राष्ट्रपति से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति कोविंद से मुलाकात कर आग्रह किया कि वह केंद्र सरकार (Central Government) से राजधर्म का पालन कराने और गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) को हटाने के लिए कदम उठाएं।     

राष्ट्रपति से मुलाकात करने वाले पार्टी शिष्टमंडल में प्रियंका गांधी वाड्रा, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल और गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और कुछ अन्य नेता शामिल थे।

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दिल्ली और केंद्र सरकार ने हिंसा की अनदेखी की- सोनिया गांधी
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से मुलाकात के बाद सोनिया गांधी ने कहा कि गृह मंत्री और पुलिस हिंसा रोकने में नाकाम रही है। दिल्ली और केंद्र सरकार ने हिंसा की अनदेखी की। हिंसा की वजह से अब तक 34 लोगों की मौत हुई, करीब 200 से अधिक लोग घायल हैं। वहीं करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ। सोनिया गांधी ने कहा कि उम्मीद है कि राष्ट्रपति इस मामले में जरूरी कदम उठाएंगे। बता दें कि इस मेमोरेंडम (Memorandum) में हिंसा के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग के साथ ही पीड़ितों को मदद मुहैया कराने की मांग की गई है।

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कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा
कोविंद से मुलाकात के बाद सोनिया ने मीडिया से कहा कि सीडब्ल्यूसी की बैठक में हमने दिल्ली में स्थिति को लेकर कई मुद्दों पर चर्चा की थी। हमने राष्ट्रपति से मिलने और अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने का फैसला किया। उन्होंने ज्ञापन के कुछ हिस्से पढ़े और दावा किया कि केंद्र और दिल्ली सरकार हिंसा को लेकर मूकदर्शक बनी रहीं। गृह मंत्री और प्रशासन की निष्क्रियता से बड़े पैमाने पर जानमाल का नुकसान हुआ। कांग्रेस की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है, 'हम इस बात को दोहराते हैं कि गृह मंत्री को हटाए जाए क्योंकि वह हिंसा को रोकने में अक्षम साबित हुए।'

पार्टी ने ज्ञापन में राष्ट्रपति से कहा, 'हम आपसे आग्रह करते हैं कि नागरिकों के जीवन, संपत्ति और आजादी की सुरक्षित रखा जाए। हम आशा करते हैं कि आप निर्णायक कदम उठाएंगे।'

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राजधर्म की रक्षा करें राष्ट्रपति- मनमोहन सिंह
वहीं पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) ने कहा, हमने राष्ट्रपति से 'राजधर्म' की रक्षा करने की अपनी शक्ति का इस्तेमाल करने की अपील की। मनमोहन सिंह ने कहा कि पिछले कुछ दिनों के भीतर दिल्ली में जो कुछ भी हुआ है वो बहुत ;चिंताजनक और राष्ट्रीय शर्म का विषय है। यह हालात को नियंत्रित रखने में केंद्र सरकार की पूरी विफलता का प्रमाण है। सिंह ने कहा कि हमने राष्ट्रपति से कहा है कि वह सरकार से 'राजधर्म' का पालन करने के लिए कहें। गौरतलब है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली (North East Delhi) के कई इलाकों में भड़की हिंसा में 34 से अधिक लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। 

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