Friday, Apr 10, 2020
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लॉकडाउन के बाद भी दिल्ली हिंसा की जांच जारी, गठित की गई तीसरी SIT टीम

  • Updated on 3/26/2020

नई दिल्ली/शाहरुख खान। भले ही लॉकडाउन (LockDown) के बाद राजधानी की रफ्तार थम गई है, लेकिन उत्तर पूर्वी (North East) जिले के नौ थाना इलाकों में पिछले महीने हुए दंगों में हुई मौत के मामलों की जांच आज भी दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव (SN Shrivasta) के लिए अहम प्राथमिकता हैं। क्योंकि मामलों कि जल्द तफ्तीश के लिए और दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए क्राइम ब्रांच की तीसरी एसआईटी का गठन किया गया है। इसकी अगुवाई भी डीसीपी रैंक के अधिकारी करेंगे, जिनके साथ दो एसीपी रैंक के अधिकारी और तीन तेजतर्रार इंस्पेक्टर लगाए गए हैं। तीनों एसआईटी के बीच हत्या के केसों की जांच का बंटवारा हो गया है।

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250 आरोपी गिरफ्तार
एसआईटी (SIT) को दंगे को दौरान हुई फायरिंग से जख्मी होने पर दर्ज जटिल हत्या प्रयास के मुकदमे सौंपे जा सकते हैं। हत्या, गैर इरादतन हत्या और जानलेवा हमले समेत कुल 60 मुकदमों की जांच एसआईटी की तीनों टीमें करेंगी। जांच अधिकारियों के अनुसार, दंगों को लेकर अब तक 748 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। करीब 250 से ज्यादा आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। करीब 20 नाबालिगों भी दंगों में शामिल पाए गए, जिन्हें हिरासत में लेकर छोड़ दिया गया है। पुलिस आयुक्त ने हत्या के मामलों के लिए क्राइम ब्रांच की दो एसआईटी बनाई थीं। बाकी सिर्फ दंगों के मामलों की जांच लोकल पुलिस को करने को कहा गया था। इनके सहयोग के लिए 12 टीमें सेंट्रल और नॉर्दर्न रेंज से भेजी गईं।

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तीसरी एसआईटी गठित
वहीं पुलिस सूत्रों ने बताया कि तफ्तीश में कई तरह की खामियां पाई जा रही थी और पैसे देकर दोषियों को छोड़ने का आरोप भी पुलिस पर लग रहा था जिसे देखते हुए दिल्ली पुलिस (Delhi Police) आयुक्त ने तुरंत तीसरी एसआईटी बनाने का फैसला लिया हालांकि अधिकारियों ने पैसे लेने वाली बात को सिरे से खारिज कर दिया है उनका कहना है कि हत्याओं के मामलों को देखते हुए यह तीसरी एसआईटी बनाई गई है।

क्योंकि हत्या के मामले 54 तक पहुंचने और फायरिंग के दौरान जानलेवा हमले के मामलों में लोकल पुलिस के हाथ कोई लीड नहीं लगने से एक और एसआईटी का गठन किया गया। इसकी अगुवाई क्राइम ब्रांच के डीसीपी डॉ. जी राम गोपाल नाइक करेंगे। अडिशनल कमिश्नर (क्राइम) बीके सिंह ने 19 मार्च को इसका सर्कुलर जारी कर दिया है। तीनों एसआईटी उनकी निगरानी में ही काम कर रही हैं। एक टीम डीसीपी राजेश देव तो दूसरी डीसीपी (DCP) जॉय टिर्की के नेतृत्व में काम कर रही है। 

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