Sunday, Nov 28, 2021
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दिल्ली हिंसक दंगे : पीड़ितों के लिए मुस्तफाबाद में होगा सबसे बड़ा राहत शिविर

  • Updated on 3/3/2020

नई दिल्ली/अनिल सागर। उत्तरी पूर्वी दिल्ली के इलाकों में और उससे सटे उत्तर प्रदेश के जिलों में इन दिनों एक-एक घर में दर्जनों लोग रहे हैं। दंगा प्रभावित इलाकों से पलायन कर के गए लोग वापसी करें इसके लिए दिल्ली वक्फ बोर्ड ने राहत शिविर शुरू कर दिया है। मुस्तफाबाद के 33 फुटा रोड पर एक शिविर शुरू कर दिया गया है और तीन जल्द ही शुरू करने की मांग की गई है। यहां अभी छह सौ से 1000 लोगों के रहने के प्रबंध बताए जा रहे हैं और दो दिन में छह हजार लोगों का प्रबंध किया जाना है। 

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सुविधाएं बढ़ाने की मांग, हजारों लोग रह रहे हैं बाहर
मुस्तफाबाद में एक कमरे में नौ लोगों के रहने की जानकारी देते हुए एक पीड़ित बताया कि हम यहां एक कमरा किराए पर लेकर रहते हैं लेकिन जब से दंगा हुआ निकल नहीं पा रहे हैं। मेरे रिश्तेदार मेरे साथ ही है। दिल्ली वक्फ बोर्ड ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के पीड़ितों की सहायता के लिए कमेटियों का गठन करना शुरू कर दिया है। विधायकों ने अपने-अपने स्तर पर कमेटियां बनाना शुरू कर दिया है और इन्हें अमन कमेटी नाम दिया है। कमेटी में आठ से दस लोगों को शामिल किया गया है और यही कमेटी वक्फ  बोर्ड की राज्यस्तरीय कमेटी व दिल्ली सरकार के महकमों के साथ समन्वय स्थापित कर काम करेगी।

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सबसे बड़ा राहत शिविर कैंप मुस्तफाबाद के 33 फुटा रोड पर
वक्फ बोर्ड का सबसे बड़ा राहत शिविर कैंप मुस्तफाबाद के 33 फुटा रोड पर ईदगाह में आज शुरू हो गया। यहां शाम होते-होते लगभग 600 लोग आ चुके थे। एक मोबाइल शौचालय को कम बताते हुए तीन की मांग कर दी है और शाम तक आने की उम्मीद जताते हुए एक सहयोगी आसिफ चौधरी बताते हैं हमने 10-12 कमेटियां बनाई हैं। इसमें खाना, सुरक्षा, गेट पर रखरखाव, शिविर रखरखाव, पानी, मदद मिलने वाली सामग्री भंडारण, कानूनी सहायता मुहैया करवाना, फार्म भरने, इलाज के लिए मेडिकल कमेटी व अन्य सुविधाओं की कमेटियां शामिल हैं। हालांकि यहां पर अभी पर्याप्त पुलिस बल सुरक्षा के लिए मौजूद नहीं है। इसकी मांग भी पुलिस अधिकारियों से की गई है। 

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कैंप के पास कमेटियों का काम देख रहे जहीर भाई बताते हैं कि यहां पर शिव विहार से बहुत से पीड़ित आए हैं। इनके कई परिवारी, रिश्तेदारों के यहां लोनी और आसपास के अन्य इलाकों में रुके हैं। उन्हें बुलाने के लिए हम संपर्क कर रहे हैं। हमनें चार शौचालय मांगें हैं ताकि सुबह समस्या न आए। इसके साथ ही हर विधानसभा में 10 से 12 कमेटियां बनेंगी। कमेटियों में सीलमपुर, बाबरपुर, मुस्तफाबाद, घोंडा के लोग भी शामिल किए हैं। मुस्तफाबाद के विधायक हाजी युनूस ने बताया कि हमारे यहां पर चार राहत शिविरों की जरूरत है। हमने इससे विकासमंत्री गोपाल राय को भी अवगत कराया है। उम्मीद है जल्द ही हमें मिल जाएंगे। राहत शिविर में मिले एक बुजुर्ग अपना दर्द बयां करते हैं, मैं शिव विहार में रहता हूं और 12 फरवरी को बेटे की शादी हुई थी, बहुत सारा सामान था, दोनों बच्चों ने अपना घर सजाया संवारा था, सब जल गया। 

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AAP विधायकों ने की पुलिस आयुक्त से मुलाकात
विकास मंत्री गोपाल राय ने कहा कि सीलमपुर और मुस्तफाबाद समेत अन्य विधायकों ने बताया कि कई स्थानों पर शिकायत आ रही है कि पुलिस कुछ बेकसूर लोगों को भी उठा रही है। इस समय से लोग उन्हें तलाशने के लिए अस्पतालों और पुलिस स्टेशनों के चक्कर लगा रहे हैं। इसका भी कोई समाधान निकालना होगा, ताकि दोषी लोग ही पकड़े जाएं। कोई भी दोहरा मापदंड न अपनाया जाए। जो भी दंगे के दोषी हैं वो सब लोग पकड़े जाएं, लेकिन बेगुनाह और बेकसूर लोगों को न पकड़ा जाए। दंगों के मद्देनजर गिरफ्तार किए जा रहे लोगों की सूचना परिवार वालों को देने की मांग की है।

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जानकारी न होने की वजह से अनावश्यक तनाव पैदा हो रहा है। आज सुबह बहुत सारे लोगों ने बताया कि उनके बच्चे गायब हैं। उनको पता नहीं है कि उनके बच्चे कहा हैं। नाले में से कुछ शव मिला तो लोगों को लगा कि शायद उनके बच्चे हैं। हमने मांग की कि एक सिस्टम बन जाएए जिससे कि पुलिस जिनको ले जा रही है, उसकी अभिभावकों को सही सूचना दी जा सके। 

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