Friday, May 07, 2021
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Delhi Water Crisis: हरियाणा सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा दिल्ली जल बोर्ड

  • Updated on 3/9/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। यमुना नदी में उच्च अमोनिया के स्तर और वजीराबाद बैराज में लगातार घटते जलस्तर के कारण दिल्ली को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। वजीराबाद बैराज में कच्चे पानी की कमी की वजह से दिल्ली जल बोर्ड के वजीराबाद, ओखला और चंद्रावल जल शोधन संयंत्रों में पेयजल उत्पादन प्रभावित हो गया है। इन संयंत्रों में 30 से 40% तक पानी का उत्पादन कम हो गया है।

वर्तमान हालात को देखते हुए दिल्ली में गंभीर जल संकट को रोकने के लिए दिल्ली जल बोर्ड (Delhi Jal Board) ने हरियाणा सरकार के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया है। डीजेबी ने याचिका दायर कर अपील की है कि यमुना में पर्याप्त पानी छोड़े जाने के साथ-साथ यमुना में अनौपचारिक प्रदूषजो को डालने पर तुरंत रोक लगाई जाए। डीजेबी के अनुसार यमुना का जल स्तर 674.50 फीट होना चाहिए।

डीजेबी उपाध्यक्ष राघव चड्ढा का ने कहा कि हरियाणा 3 तरीकों कैरियर लाइन चैनल, दिल्ली उपशाखा और यमुना के जरिए दिल्ली को पानी की आपूर्ति करता है। सीएलसी को हथिनीकुंड और बीबीएमबी के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जाती है। वर्तमान में दिल्ली को हरियाणा से 609 एमजेडी के मुकाबले 479 एमजेडी पानी मिल रहा है।

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हरियाणा सरकार ने नहीं की ठोस कार्रवाई
इसके अलावा दिल्ली को 90 एमजीडी भूजल से और ऊपरी गंगा नहर से 250 एमजेडी पानी मिल रहा है। चड्डा ने कहा कि दिल्ली बाहरी स्रोतों से पानी की आपूर्ति पर निर्भर है। केंद्र और राज्य प्राधिकरण से बात कर इस मुद्दे के व्यावहारिक समाधान को लेकर डीजेबी हर संभव प्रयास कर रहा है। चड्ढा ने कहा कि हरियाणा सरकार के संबंधित अधिकारियों को लगातार सूचित करने और उनकी तरफ से समस्या को दूर करने का भरोसा मिलने के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। सामान्य स्थिति को बहाल करने की दिशा में कोई सुधार नहीं हुआ है।

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हर 2 हफ्ते में एक बार जल संकट का सामना करती है दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट के फरवरी 1996 के आदेश के अनुसार वजीराबाद तालाब के स्तर को पूरा रखा जाना चाहिए। इस समय वजीराबाद तालाब का स्तर बहुत गिर गया है। वजीराबाद जलापूर्ति किए जाने संबंधी न्यायालय के आदेश का लगातार उल्लंघन हो रहा है। पानी की कमी की वजह से अमोनिया खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। जो लगभग 3.6 पीपीएम तक है। डीजेबी उपाध्यक्ष ने कहा कि हमारे आंकलन के मुताबिक दिल्ली को हर 2 हफ्ते में एक बार पानी को लेकर समस्या का सामना करना पड़ता है।

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