Sunday, Jan 19, 2020
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कश्मीरी महिला पर कटाक्ष: दिल्ली महिला आयोग ने खट्टर, गोयल को लिया आड़े हाथ

  • Updated on 8/10/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली महिला आयोग ने शनिवार को कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री एम एल खट्टर और राज्यसभा सदस्य विजय गोयल पर कथित लैंगिक और अमर्यादित टिप्पणियों और कृत्य के लिए प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए। यहां जारी किए एक बयान में आयोग ने कहा कि उनके कृत्यों और टिप्पणियों से न केवल कश्मीरी बेटियों और बहनों की गरिमा को ठेस पहुंची है बल्कि उनकी प्रतिष्ठा को भी नुकसान हुआ है। आयोग ने कहा है कि देशभर की महिलाओं और लड़कियों पर भी इसका असर पड़ा है। 

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बयान में कहा गया है कि उनके बयानों से पहले से ही संवेदनशील कश्मीर के इलाके में हिंसा भड़क सकती है। महिला आयोग ने कहा, ‘‘उच्च संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों द्वारा दिए गए ऐसे बयान पुरुष प्रधान समाज की धारणा का समर्थन करते हैं और महिलाओं तथा लड़कियों की अहमियत और आवाज को कम करते हैं।’’ आयोग की टिप्पणी खट्टर के उस बयान पर आयी है जिसमें उन्होंने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया कि ‘‘अब हरियाणा के लोग कश्मीर से दुल्हन ला सकेंगे।’’ उनका इशारा संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को खत्म कर जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिये जाने की ओर था। 

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खट्टर ने शुक्रवार को फतेहाबाद में एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘अगर लड़कियों की तादाद लड़कों से कम हो तो दिक्कतें हो सकती हैं। हमारे (ओ पी) धनखडज़ी ने कहा था कि उन्हें (दुल्हनों को) बिहार से लाना होगा। लेकिन कुछ लोगों ने कहा, कश्मीर खुला है, लिहाजा उन्हें (दुल्हनों को) वहां से लाया जाएगा। लेकिन मजाक से परे हटकर, सवाल यह है कि अगर अनुपात (लिंग अनुपात) सही रहे तो समाज में संतुलन ठीक रहेगा।’’ 

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दूसरी ओर, महिला आयोग ने गोयल को उनके दिल्ली आवास के बाहर कथित तौर पर कश्मीरी लड़कियों के लिए होॢडंग लगाने के लिए फटकार लगाई। महिला आयोग ने कहा, ‘‘ऐसे समय में जब कई राज्य सतर्कता पर है तो पूरे राज्य की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली इस तरह की असंवेदनशील और मूर्खतापूर्ण टिप्पणियां हिंसा बढ़ा सकती है।’’ उसने कहा, ‘‘आयोग दोनों मामलों में अधिकार क्षेत्र के मुद्दे पर विचार किए बगैर प्राथमिकी दर्ज करने की पुरजोर अनुशंसा करता है।’’ 

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उसने दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा से 14 सितंबर तक मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। आयोग के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए गोयल ने ट््िवटर पर कहा कि आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल अपनी ‘‘सोच को साफ़ सुथरा’’ रखो। गोयल ने हिंदी में ट्वीट किया, ‘‘दिल्ली की जनता के डर से अनुच्छेद 370 पर समर्थन तो दिया, पर केजरीवाल टोली की खिसियाहट साफ़ नजर आ रही है। इस अनुच्छेद के खत्म होने से देशद्रोहियों में जो निराशा है, ये बयान उसी हताशा का प्रतीक है।’’ 


 

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