Thursday, Jan 27, 2022
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नोटबंदी से भारतीय अर्थव्यवस्था ऐसी ध्वस्त हुई कि आजतक उठ नहीं सकी: कांग्रेस

  • Updated on 11/8/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कांग्रेस ने नोटबंदी के पांच साल पूरे होने के मौके पर सोमवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि इस कदम से देश की अर्थव्यवस्था इस कदर ध्वस्त हुई कि आजतक उठ नहीं सकी। पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने यह सवाल किया कि अगर यह कदम सफल था तो फिर भ्रष्टाचार खत्म क्यों नहीं हुआ और आतंकवाद पर चोट क्यों नहीं हुई ? 

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उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘अगर नोटबंदी सफल थी तो भ्रष्टाचार खत्म क्यों नहीं हुआ ? कालाधन वापस क्यों नहीं आया ? अर्थव्यवस्था कैशलेस क्यों नहीं हुई ? आतंकवाद पर चोट क्यों नहीं हुई ? महंगाई पर अंकुश क्यों नहीं लगा?’’ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने ट््वीट किया, ‘‘पहले हमें बताया गया कि नोटबंदी का मकसद कैशलेस अर्थव्यवस्था है। जल्द ही सर्वज्ञानी ने पटरी बदल दी और कहा कि कैशलेस नहीं, बल्कि कम कैश है। अब चलन में नकदी नोटबंदी के पहले के समय के मुकाबले ज्यादा हो चुकी है।’’ 

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उन्होंने आरोप लगाया कि हर बीतते साल के साथ यह और भी स्पष्ट होता जा रहा है कि आठ नवंबर, 2016 (नोटबंदी की घोषणा) दुनिया के आॢथक इतिहास सबसे बड़ी नीतिगत गलती थी। कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आज नोटबंदी की पांचवीं बरसी है। आॢथक ²ष्टि से भी आज एक महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि आज ही का वो काला दिन था वर्ष 2016 में, जब भारत की इकोनॉमी को ध्वस्त किया गया था, जिससे वो आज तक नहीं उठ पाई है।’’     गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर, 2016 को नोटबंदी की घोषणा की थी। इसके तहत 1000 और 500 रुपये के नोट चलन से बाहर हो गए थे। फिर 2000 और 500 रुपये नये नोट जारी किए गए थे। 

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लखीमपुर मामले में न्याय के लिए स्वतंत्र जांच जरूरी
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस की जांच पर उच्चतम न्यायालय द्वारा असंतोष प्रकट किए जाने के बाद सोमवार को कहा कि सर्वोच्च अदालत की टिप्पणी से साफ है कि न्याय के लिए स्वतंत्र जांच जरूरी है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘लखीमपुर नरसंहार मामले में स्पष्ट है कि उप्र सरकार किसानों को कुचलने वालों के साथ खड़ी है। किसानों को कुचलने के मुख्य आरोपी के पिता (गृह राज्य मंत्री) को नरेंद्र मोदी जी का सरंक्षण प्राप्त है।’’ प्रियंका गांधी ने जोर देकर कहा, ‘‘माननीय उच्चतम न्यायालय की टिप्पणी से साफ है कि न्याय के लिए स्वतंत्र जांच होनी जरूरी है।’’ 

गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले की उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा की जा रही जांच उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में कराने का सोमवार को सुझाव दिया और कहा कि जांच उउकी अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो रही है।     लखीमपुर में तीन अक्टूबर किसानों के प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा में चार किसानों सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी। प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे और गरिमा प्रसाद को शुक्रवार तक मामले पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।  

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