Sunday, Jan 23, 2022
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त्रिपुरा निकाय चुनाव में BJP का शानदार प्रदर्शन, 334 सीटों में से 329 पर जीती

  • Updated on 11/29/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। त्रिपुरा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और वाम दलों को पछाड़ते हुए अगरतला नगर निगम और 13 अन्य निकायों में शानदार प्रदर्शन किया। इन निकायों में भाजपा के पास अब 334 सीटों में से 329 सीटें हैं। पूर्वोत्तर राज्य में 2018 में सत्ता में आने के बाद पहला निकाय चुनाव लड़ रही भाजपा को इन चुनावों में विपक्ष से एक कमजोर चुनौती मिली। राज्य में कुछ समय पहले साम्प्रदायिक तनाव उत्पन्न हुआ था जिस पर उच्चतम न्यायालय ने हस्तक्षेप करते हुए शांतिपूर्ण मतदान कराने का आदेश दिया था।  

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51 सदस्यीय अगरतला नगर निगम के किसी भी वार्ड से विपक्ष का कोई भी उम्मीदवार नहीं जीत सका। ये सभी सीटें भाजपा के खाते में गईं। राज्य चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि भाजपा ने 15 सदस्यीय खोवाई नगर परिषद, 17 सदस्यीय बेलोनिया नगर परिषद, 15 सदस्यीय कुमारघाट नगर परिषद और नौ सदस्यीय सबरूम नगर पंचायत के सभी वार्डों पर कब्जा कर लिया। उन्होंने बताया कि पार्टी ने 25 वार्ड वाली धर्मनगर नगर परिषद, 15 सदस्यीय तेलियामुरा नगर परिषद और 13 सदस्यीय अमरपुर नगर पंचायत में भी जीत दर्ज की।

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सोनमुरा नगर पंचायत और मेलाघर नगर पंचायत विपक्ष के बिना होगा क्योंकि भाजपा ने सभी 13 सीटों पर जीत हासिल की है। इसने 11 सदस्यीय जिरानिया नगर पंचायत में भी जीत हासिल की है। भाजपा ने अंबासा नगर परिषद की 12 सीटें हासिल कीं, जबकि टीएमसी और माकपा ने एक-एक सीट जीती और एक सीट पर एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। भाजपा ने कैलाशहर नगर परिषद की 16 सीटों पर भी जीत हासिल की और माकपा को एक सीट मिली। पानीसागर नगर पंचायत में, भाजपा 12 सीटों पर विजयी हुई और माकपा ने एक पर जीत हासिल की।   

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भाजपा ने खोवाई नगर परिषद के सात वार्ड, धर्मनगर नगर पालिका का एक, मेलाघर नगर परिषद के दो और जिरानिया के 10 वार्डों में निॢवरोध जीत हासिल की। इसने रानिरबाजार, विशाल गंज, मोहनपुर, कमालपुर, उदयपुर और शांतिरबाजार के नगर निकायों को बिना किसी मुकाबले के जीत लिया, जिनमें कुल 92 वार्ड हैं। इस शानदार जीत के साथ ही अब भाजपा के पास राज्य के शहरी निकायों के 329 वार्ड, माकपा के पास तीन, ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और निर्दलीय के पास एक-एक हैं।  

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मुख्यमंत्री विप्लव कुमार देव ने जीत को 'ऐतिहासिक' करार दिया और कहा कि त्रिपुरा के लोगों ने भाजपा का विरोध करने वालों को सटीक जवाब दिया है। देब राज्य में सांप्रदायिक हिंसा को लेकर विपक्ष के निशाने पर थे।  देव ने कहा, ‘‘जिन लोगों ने त्रिपुरा को बदनाम करने की कोशिश की, उन्हें देखना चाहिए कि नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों ने मिलकर विकास के पक्ष में मतदान किया है।’’ पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल में भाजपा खेमे में खुशी का माहौल है, जहां कुछ महीने पहले विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने उसे मात दी थी। 

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पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने ट्वीट किया, ‘‘अगरतला निगम और अन्य सभी नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं में शानदार जीत दर्ज करने के लिए त्रिपुरा भाजपा और माननीय मुख्यमंत्री विप्लव देव को हार्दिक बधाई। हम बंगाल के भ्रष्ट और फासीवादी तोलामूल पार्टी का सफाया करने के लिए त्रिपुरा के लोगों के आभारी हैं।’’ भाजपा आईटी इकाई के प्रमुख अमित मालवीय ने ट्वीट किया, ‘‘भाजपा ने त्रिपुरा स्थानीय निकाय चुनावों में जीत हासिल की है। ..धार्मिक तनाव को लेकर सभी साजिशें, नकली विमर्श परास्त हुआ।’’  हालांकि, इस करारी हार के बावजूद टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने ट्वीट किया कि उनकी पार्टी के लिए प्रदर्शन ‘‘असाधारण’’ था, जिसकी त्रिपुरा में नगण्य उपस्थिति थी। 

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उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘यह इस तथ्य के बावजूद है कि हमने बमुश्किल 3 महीने पहले अपनी गतिविधियां शुरू कीं और त्रिपुरा भाजपा ने त्रिपुरा में लोकतंत्र को कुचलने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। त्रिपुरा टीएमसी के सभी बहादुर कार्यकर्ताओं को उनके अनुकरणीय साहस के लिए बधाई।’’ वहीं टीएमसी के पश्चिम बंगाल महासचिव और प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि उनकी पार्टी ‘‘सत्तारूढ़ भाजपा द्वारा की गई हिंसा के बावजूद’’ कई सीटों पर दूसरा स्थान हासिल करने में सफल रही है। घोष ने ट्वीट किया, ‘‘2023 हमारा है, यह (परिणाम) 2023 में तृणमूल की जीत का आधार बनेगा।’’     
    
 

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