Monday, Mar 01, 2021
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SDMC को मिलने वाली राशि में कटौती से विकास कार्य ठप, नई परियोजना पर भी नहीं होगा काम

  • Updated on 5/29/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दक्षिणी दिल्ली (Delhi) नगर निगम इलाके में विकास कार्य ठप हो गया है। अगले एक साल तक इस निगम में किसी भी नई परियोजना पर काम नहीं होगा। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) ने मंगलवार को इसकी घोषणा करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार (Government) द्वारा विभिन्न मदों में दिए जाने वाली रकम में भारी कटौती के कारण यह स्थिति उत्पन्न हो गई है।

एसडीएमसी (SDMC) में सत्तारूढ़ दल भाजपा व कांग्रेस (Congress) के पार्षदों ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार पर निगमों को पंगु बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार निगमों को मिलने वाले उनके हक के पैसे न देकर दिल्ली की जनता के साथ खिलवाड़ कर रही है। भाजपा (BJP) शासित नगर निगम को पूरी तरह से मिटाने पर तुली है। एसडीएमसी की भी आर्थिक हालत अब उत्तरी दिल्ली नगर निगम की तरह हो गई। इस निगम में भी विकास कार्य होना तो दूर की बात है अधिकारियों व कर्मचारियों को वेतन तक नहीं मिल रहे हैं।

एसडीएमसी को इस वित्तीय वर्ष में जितने पैसे मिले हैं, उससे बड़ी मुश्किल से अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन ही दिए जा सकेंगे। दरअसल मंगलवार को लोकसभा चुनाव के उपरांत आचार संहिता हटने के बाद नवनिर्वाचित महापौर सुनीता कांगड़ा के नेतृत्व में एसडीएमसी आमसभा की पहली बैठक (Meeting) थी। बैठक में सत्तारूढ़ दल भाजपा, कांग्रेस विपक्ष के आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने पार्षद फंड (Funds) से तथा अन्य मद से विकास कार्य न होने का मुद्दा उठाया और निगमायुक्त से जवाब मांगा।

निगमायुक्त की अनुपस्थिति में वित्त विभाग के अतिरिक्त आयुक्त व सीए कम एफए रणधीर सहाय ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि दिल्ली सरकार से पहले निगम को तीसरे वित्तीय आयोग के हिसाब से राशि मिलती थी। तीसरे वित्तीय आयोग की सिफारिश के अनुसार पिछली बार एसडीएमसी को पिछले वित्तीय वर्ष में 1081 करोड़ रुपए मिले थे। इस हिसाब से इस वित्तीय वर्ष में एसडीएमसी को 1400 करोड़ रुपए मिलने थे, लेकिन दिल्ली सरकार ने दिए हैं मात्र 449 करोड़ रुपए।

सरकार का कहना है कि पांचवे (Fifth) वित्तीय आयोग की सिफारिश के अनुसार अब निगमों को विभिन्न मद की राशि मिलेगी। इस वित्तीय आयोग की सिफारिश वर्ष 2016 से लागू हो गई है। इस कारण सरकार ने पहले ही तय राशि से ज्यादा पैसे दे चुकी है। इस कारण वर्ष 2016 से लेकर अब तक के पैसे में कटौती की है।

अतिरिक्त आयुक्त ने बताया कि दिल्ली सरकार के नियम के तहत अगर वित्त मामले में नई सिफारिश लागू होती है तो पिछले वर्षों में दी गई राशि वर्तमान में दी जाने वाली राशि में से नहीं काट सकती, लेकिन सरकार ने अपने आप पिछले वित्तीय वर्ष (Year) में दी राशि को भी वित्तीय वर्ष में से काट ली है। अतिरिक्त आयुक्त ने बताया की निगमायुक्त की ओर से इस बाबत सभी विभागों, महापौर, स्थाई समिति अध्यक्ष और अन्य पार्षदों को लिखित में भेजा है। 

विपक्ष ने कहा, मुख्यमंत्री से करेंगे अपील
अतिरिक्त आयुक्त रणधीर सहाय के इस जवाब पर भाजपा पार्षदों ने कहा कि यह सरासर आप सरकार की मनमानी है। सरकार ने दी जाने वाली अनुदान राशि में कटौती कर दिल्ली के विकास की गाड़ी रोक दी है और एसडीएमसी को पंगु बनाने पर तुली है। भाजपा पार्षदों ने विपक्ष के  नेता प्रवीण कुमार से मुखातिब होते हुए कहा कि वे इस मामले में अपनी पार्टी की सरकार को असलियत बताए और विभिन्न मद में दी जाने वाली 1400 करोड़ रुपए की राशि देने की मांग करें। विपक्ष ने अधिकारियों से कहा कि वे लिखकर दें। इस मामले में वे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से अपील करेंगे। 

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