पूर्णिमा-चन्द्रग्रहण पर गंगा में लगाई डुबकी, कई राज्यों से आये श्रद्धालु

  • Updated on 1/21/2019

हरिद्वार/ब्यूरो। यूरोप और अफ्रीका के देशों में सोमवार को लगने वाला चन्द्रग्रहण दिखाई दिया, पर भारत में चन्द्रग्रहण नहीं दिखा। हालांकि ग्रहण के साथ ही पूर्णिमा स्नान का संयोग बन गया जिसकी वजह से देश के कुछ प्रांतों से श्रद्धालु डुबकी लगाने के लिए पावन हरकी पैड़ी सहित अन्य घाटों पर पहुंचे। चंद्र ग्रहण के पावन दिन कई शुभ संस्कार भी घाटों पर कराये गये। 

भारतीय समयानुसार सुबह 10:13 से 11:13 मिनट तक चन्द्रग्रहण का चरम काल रहा। हालांकि, भारत में इसका कोई असर नहीं रहा‍। सोमवार को पूर्णिमा स्नान भी था। सो, श्रद्धालुओं ने चन्द्रग्रहण के बाद पूर्णिमा और ग्रहण दोनों के निमित्त स्नान किया। सामान्य दिनों की अपेक्षा बाजारों में सोमवार को भीड़ कुछ अधिक रही। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब से श्रद्धालु डुबकी लगाने पहुंचे थे। 

कुशावर्त घाट पर मुंडन संस्कार, यज्ञोपवीत सहित अन्य संस्कार कराये गये। पूर्णिमा स्नान को हरकी पैड़ी के अलावा मालवीय द्वीप, सुभाष घाट, श्री प्रेमनगर आश्रम घाट, दक्ष प्रजापति घाट सहित अन्य जगहों पर भी पावन डुबकी लगाई। पंडित शक्तिधर शर्मा शास्त्री ने बताया कि पौष मास की पूर्णिमा को गंगा स्नान और दान पुण्य का एक हजार अश्वमेध यज्ञ के बराबर फल प्राप्त होता है। 

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