B'day Special: जब महाराजा के सामने धर्मेंद्र ने छूरी-कांटा छोड़ हाथ से खाया था चिकन, पढ़ें किस्सा

  • Updated on 12/8/2018

नई दिल्ली/श्वेता राणा। अगर हिंदी सिनेमा में सबसे हैंडसम हीरोज की लिस्ट बनाई जाए तो उसमें बॉलीवुड के गर्म-धर्म, धर्मेंद्र का नाम एकदम पक्का है। आज के दौर में भी वह एकदम फिट है। आज यानी 8 दिसंबर को वो 83 साल के हो गए हैं।

धर्मेंद्र का नाम अपने समय के उन सितारों में शामिल रहा है जो अपनी फिटनेस और लुक्स के लिए पहचाने जाते थे। यह बहुत कम लोग जानते हैं कि उन्होंने कभी फिट रहने के लिए जिम का सहारा नहीं लिया। फिटनेस, एक्टिंग और लुक्स से तो वह जाने ही जाते थे लेकिन उनकी दर्यादिली, मजाकिया अंदाज भी उनकी एक यूएसपी थी।

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आपने उनकी शादी, पढ़ाई, पर्सनल लाइफ से जुड़े कई किस्से सुने होंगे लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे हैं उनसे जुड़े दो बेहद ही दिलचस्प  किस्से जिसे जानकर आप भी कहेंगे गर्म-धर्म गुस्सेल ही नहीं बल्कि काफी ठेट गबरू भी है।आइए जानते हैं उनकी जिंदगी के से जुड़े ये अनसुने किस्से।

देसी जट के देसी ठाट
बात है साल 1966 की। डायरेक्टर अमर कुमार शिमला के करीब चैल पैलेस में एक फिल्म बना रहे थे 'मेरे हमदम मेरे दोस्त'। फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में थे धर्मेंद्र, मुमताज, रहमान और शर्मिला टैगोर। जिस पैलेस में फिल्म की शूटिंग चल रही थी वो महाराजा पटियाला का था, जो संयोग से वहां मौजूद थे।

Related imageमहाराजा ने उन सभी लोगों को दावत का न्यौता दिया। वो दावत कोई आम दावत नहीं थी बल्कि एक रॉयल फैमिली की दावत थी। सब समय पर बन संवर कर पहुंच गए। हालांकि सबको समझा दिया गया था कि सभी लोगों को एकदम तरीके से पेश आना है, मेनर्स के साथ, हर किसी को रॉयल तरीके से पेश आना है।

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महाराजा यदवेंद्र सिंह ने सबका जोरदार स्वागत किया और सब बड़ी तहजीब से एक दूसरे के साथ पेश आ रहे थे। इसी बीच शराब का भी दौर चल गया। सब ने नजाकत और नफासत के साथ जाम पिये, जिसके बाद बारी आई खाने की। सभी सितारों के साथ महाराजा यदवेंद्र सिंह भी बैठे थे। खाने के साथ टैबल पर तंदूरी चिकन भी रखा गया, सबने एक-एक पीस उठाया और रॉयल तरीके से कांटे और छूरी उठाकर चिकन खाने लगे।

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Related imageपहले तो कई मिनटों तक धर्मेंद्र ने सब की तरफ देखा फिर कुछ सोचने लगे। कुछ ही देर बाद उन्होंने छूरी-कांटा छोड़ सीधा तंदूरी चिकन हाथ से लपक कर कहा कि मुझे तो ये छूरी-कांटा अच्छा नहीं लगता। अरे! मुर्गा तो हाथ से खाने की चीज है।ये कहकर धर्मेंद्र ने बिना हिचकिचाए तंदूरी चिकन अपने होठों से गढ़ाया और खाने लगे। 

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धर्मेंद्र को इस तरह चिकन खाते देख महाराजा यदवेंद्र भी खाते-खाते रूक गए। सबको लगा की धर्मेंद्र की ये हरकत महाराजा को नागवार गुजरेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ वो तो धर्मेेंद्र को मजे लेकर खाते हुए देखने लगे और सिर्फ यहीं नहीं महाराजा ने भी धर्मेंद्र को कॉपी किया। छूरी-कांटा हटा कर वो भी हाथ से खाने लगे।

जब दादा मुनि को नियम तोड़ने पर किया मजबूर...
अशोक कुमार यानी दादा मुनि कभी 1 जनवरी को शूटिंग नहीं किया करते थे। इसे आप चाहे उनका नियम समझे या अंधविश्वास लेकिन वो नए साल पर शूटिंग नहीं किया करते थे। पर एक बार वह धर्मेंद्र के कहने पर मान गए लेकिन दादा मुनि ने धर्मेंद्र से कहा कि 'देख मैं तेरे लिए कल शूटिंग कर रहा हूं,तो आज रात की न्यू ईयर पार्टी में तू दारू मत पीना। मैं तेरे लिए अपना रुल तोड़ रहा हूं, कल समय पर आ जाना'

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धर्मेंद्र ने उनकी इस शर्त को मान लिया और सीधा अपने होटल पहुंच गए। खाना खाकर बिल्कुल सोने को तैयार धर्म जी ने एक टक सोचा कि आज 31 की रात है नीचे लोग जश्न मना रहे होंगे,एक बार जाकर देख आना चाहिए कि आखिर कैसी पार्टी हो रही है। वह अपनी नाइट सूट में ही पार्टी देखने पहुंच गए, बार में जश्न का मोहाल चल रहा था। वह दूर से खड़े होकर पार्टी के मजे ले रहे थे।

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इतने में पार्टी में मौजूद लोगों की नजर धर्म जी पर पड़ी और उन्हें खींचकर पार्टी में ले गए। किसी ने उन्हें अपनी टाई पहनाई,किसी ने टोपी तो किसी ने शराब पिलाई। न चाहते हुए भी उन्होंने न जाने कितने गिलास शराब के पिए और ऐसा करते-करते रात के 3 बज गए। वह शराब के नशे में धूत थे पर बावजूद इसके उन्हें याद था कि उन्हे कल सवेरे शूटिंग पर जाना है,जिसके लिए उन्होंने दादा मुनि को बड़ी मिन्नतें कर मनाया था। 

Related imageवह होटल जाने के बजाय स्टूडियों के मेक-अप रूम में जाकर सो गए। सवेरे दादा मुनि एकदम सही समय पर पहुंचे और आते हु पूछा धर्मेंद्र कहां है? यूनिट वालों ने बताया कि वो तो सुबह से ही यहां है। ये सुनकर दादा मुनि बहुत खुश हुए और बोले कि ये बॉम्बे वाले एक्टर तो बड़े समय के पाबंद हैं।

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खैर, इसके बाद शॉट के लिए धर्मेंद्र को बुलाया गया। उनका सर रात के नशे से बहुत चकरा रहा था। आखें नशें में झूम रही थी। पर बगैर किसी को बताए वे दादा मुनि के सामने शॉट देने को तैयार हो गए। उनके पैर तो लडखड़ा रहे थे और सर घुम रहा था। Image result for धर्मेंद्रऐसी हालत में वह सीधा जाकर दादा मुनि की गोद में जाकर गिर गए और हाथ जोड़कर बोले 'दादा मुनि आज मुझसे नहीं होगा'। दादा मुनि ने कहा कि मैंने तुझसे पहले ही कहा था कि की कल रात को मत पीना प तू नहीं माना, चल अब जा आराम कर ले। दोपहर में धर्मेंद्र की हालत ठीक होने के बाद दादा मुनि ने उनके साथ शूटिंग पूरी की।

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