Monday, May 23, 2022
-->
dharmendra pradhan brainstormed with brahmin leaders bjp up assembly elections rkdsnt

यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर धर्मेंद्र प्रधान ने भाजपा के ब्राह्मण नेताओं के साथ किया मंथन

  • Updated on 12/26/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उत्तर प्रदेश के लिये चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को पार्टी के पक्ष में जातिगत समीकरण बनाए रखने के उद्देश्य से राज्य के ब्राह्मण नेताओं के साथ विचार-विमर्श किया। इस दौरान ब्राह्मण समुदाय के बीच भाजपा की गतिविधियों को बढ़ाने के लिए एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। सूत्रों ने यह जानकारी दी। 

 

कृषि मंत्री तोमर बोले- निरस्त कृषि कानूनों को फिर से लाने की कोई योजना नहीं है

दिल्ली में प्रधान के आवास पर तीन घंटे से अधिक लंबी चली बैठक में उत्तर प्रदेश के पार्टी के सभी प्रमुख ब्राह्मण नेताओं ने हिस्सा लिया, जिसमें जितिन प्रसाद, रमापति त्रिपाठी, उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, राज्य के कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा और बृजेश पाठक के अलावा कई सांसद शामिल रहे।

AAP ने पंजाब चुनाव के लिए जारी की प्रत्याशियों की चौथी लिस्ट, रूपनगर से चड्ढा को टिकट 

सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान इस समुदाय को साधने के लिए ब्राह्मण समुदाय के नेताओं की एक अनौपचारिक समिति गठित करने का फैसला किया गया, जोकि आॢथक रूप से कमजोर सवर्ण जातियों के लिए 10 फीसदी आरक्षण जैसे कल्याणकारी कदमों के बारे में समुदाय के बीच जानकारी का प्रसार करेगी। 

5 राज्यों में विधानसभा चुनाव: स्वास्थ्य सचिव कोरोना हालात पर चुनाव आयोग को देंगे जानकारी

सूत्रों ने कहा कि बैठक का मकसद ब्राह्मण सुमदाय के बीच पार्टी की संपर्क गतिविधियों को बढ़ाने पर चर्चा करना था। बाद में शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि बैठक उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर थी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज या जाति का कोई भी वर्ग भाजपा से खफा नहीं है। 

शर्मा ने एक सवाल के जवाब में कहा,‘‘उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार में कई ब्राह्मण मंत्री हैं और पार्टी समाज के सभी वर्गों को आगे ले जाने के लिए काम करती है।‘‘ सूत्रों ने कहा कि प्रधान ने पार्टी नेताओं के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और आगामी चुनावों के लिए उनकी प्रतिक्रिया भी ली। 

ओमीक्रोन के खतरे के बीच पीएम मोदी की रैलियों पर कांग्रेस ने उठाए सवाल


 

comments

.
.
.
.
.