Monday, Mar 01, 2021
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क्या एलजी ने अजान को रोकने के दिए थे आदेश! जानिए क्या है वायरल हुए वीडियो का सच...

  • Updated on 4/25/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। रमजान का महीना शुरू हो चुका है लेकिन कोरोना वायरस और लॉकडाउन के कारण इस बार रमजान घरों में ही मनाया जायेगा। सरकार ने इस बारे में कड़े निर्देश दिए हैं। लोगों से अपील की गई है कि मस्जिदों में जाने से बचें और घर पर रह कर ही नमाज पढ़ें।

इसी बीच शुक्रवार सुबह एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। जिसकी वजह से दिल्ली के उप राज्यपाल अनिल बैजल को लोगों की आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा। लेकिन इस वीडियो का सच अब सबके सामने आ चुका है जिसके बाद इस पूरे मामले पर जांच के आदेश दिए जा चुके है। आईये जानते हैं इस वीडियो के पीछे का सच।

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वायरल वीडियो
इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि दो पुलिस कांस्टेबल यह दावा कर रहे हैं कि दिल्ली की मस्जिदों में अजान नहीं होने के आदेश दिल्ली के उप-राज्यपाल ने दिए हैं। इस वीडियो में एक महिला भी नजर आती है जो कहती है कि किसने आर्डर दिया है हमें दिखाओ। अगर अजान नही होगी तो नमाज कैसे पढ़ेंगे, इस पर कांस्टेबल कहता है कि आर्डर देखने के लिए प्रेम नगर थाने आओ। इस पूरे बाकी वीडियो में पुलिस और महिला के बीच बहस होती रहती है।

ये वीडियो खूब वायरल हुआ और फिर इस वीडियो पर सवाल उठने लगे कि ऐसा क्यों आर्डर दिए गये। इस बारे में सीनियर पत्रकार सबा नकवी ने भी ट्वीट कर सवाल किए। उन्होंने लिखा, "क्या रमज़ान के दौरान दिल्ली में अज़ान की इजाज़त नहीं है? ये दिल्ली दंगों से प्रभावित मुस्तफ़ाबाद का वीडियो है। जहां हिंसा में कई लोग मारे गए और कईयों ने अपने घर और दुकानें खो दीं।"

इस वीडियो को लेकर आम आदमी पार्टी  के विधायक अमनातुल्लाह खान ने उपराज्यपाल अनिल बैजल से दिल्ली को घाव न देने की विनती कर डाली।

लेकिन सवाल यह कि क्या ऐसा आर्डर दिए गया? क्या वाकई अजान पर रोक लगाने के आदेश एलजी द्वारा दिए गये? आइए अब इसका सच जानते हैं।

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वीडियो का सच
इस वीडियो के बारे में बीबीसी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इस वीडियो में कांस्टेबल से गलती हुई है। यह वीडियो प्रेम नगर थाना यानी दिल्ली के पूर्वी-पश्चिमी इलाके रोहिणी का है। यहां के डिप्टी पुलिस कमिश्नर एसडी मिश्रा से बातचीत के बाद पता लगा कि कांस्टेबल को अजान और नमाज के बीच का अंतर पता नहीं था और उसने गलत दावा कर दिया।

नमाज पढ़ने को लेकर मस्जिदों में जाने की मनाही है लेकिन अजान को लेकर कोई रोज नहीं लगाई गई है। इस बारे में जल्द ही मौलवियों को जानकारी दे दी गई और यह भी बताया कि इस तरह का कोई भी आर्डर एलजी की तरफ से नहीं दिया गया है।

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वहीँ, इस मामले में कांस्टेबल पर गलत जानकारी फैलाने को लेकर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है और बकायदा स्पष्टीकरण भी जारी किया गया है।

दरअसल, दिल्ली में हुए दंगों और तबलीगी जमात के कारण दिल्ली में मुस्लिम समुदाय को लेकर काफी नाराजगी देखी गई है। इसका सीधा असर मुस्लिम लोगों पर पड़ा है। कुछ लोगों की नासमझी और लापरवाही के कारण पूरे समुदाय को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में जब ये वीडियो सामने आया तो लोगों के मन में कई तरह की शंकाएं पैदा हो गईं। लेकिन वीडियो के सच को जानने के बाद असलियत कुछ और ही निकली।

बताते चले की मस्जिद से अजान होने के बाद ही नमाज पढ़ी जाती है। यह एक प्रक्रिया है जिसके बाद ही नमाज पढ़ी जाती है। ये वीडियो दिल्ली का ही है और अजान पर रोक लगाए जाने जैसा कोई भी आर्डर नहीं दिया गया है।

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