Saturday, Dec 04, 2021
-->
discussion on issues like coronavirus and terrorism in quad meeting pragnt

क्वाड बैठक में कोरोना वायरस और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर हुई चर्चा, इन देशों ने लिया हिस्सा

  • Updated on 2/19/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। विदेश मंत्री एस जयशंकर (Subrahmanyam Jaishankar) ने चार देशों के गठबंधन (Quad) की मंत्री स्तर की वार्ता में हिस्सा लिया जिसमें सभी पक्षों ने नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, क्षेत्रीय अखंडता एवं सम्प्रभुता का सम्मान, अंतरराष्ट्रीय सागर क्षेत्र में नौवहन स्वतंत्रता, मुक्त और समावेशी हिन्द-प्रशांत क्षेत्र की साझी दृष्टि को दोहराया।

चीनी कंपनी VIVO को फिर मिली IPL टूर्नामेंट की स्पॉन्सरशिप

क्वाड की विदेश मंत्री स्तर की बैठक
हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में चीन (China) के बढ़ते प्रभाव की पृष्ठभूमि में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के गठबंधन (क्वाड) के विदेश मंत्रियों की इस बैठक में सभी पक्षों ने कानून के शासन, पारदर्शिता और विवादों के शांतिपूर्ण ढंग से निपटारे पर जोर दिया। विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, क्षेत्रीय मुद्दों पर इनके बीच विचारों का सार्थक आदान प्रदान हुआ जिसमें असियान की प्रमुखता को समर्थन के साथ मुक्त और समावेशी हिन्द-प्रशांत क्षेत्र की साझी दृष्टि को दोहराया गया।

आर्मी कमांडर का बड़ा बयान, 31 अगस्त को युद्ध के मुहाने पर थे भारत चीन

बढ़ रहा अंतरराष्ट्रीय समर्थन
बयान के अनुसार, इस बात पर गौर किया गया कि हिन्द प्रशांत के सिद्धांत को यूरोप समेत अंतरराष्ट्रीय समर्थन बढ़ रहा है। इसमें कहा गया है कि, 'मंत्रियों ने नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, क्षेत्रीय अखंडता एवं सम्प्रभुता का सम्मान, अंतरराष्ट्रीय सागर क्षेत्र में नौवहन स्वतंत्रता, कानून के शासन, पारदर्शिता और विवादों के शांतिपूर्ण ढंग से निपटारे के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।' चारों देशों के मंत्रियों ने जलवायु परिवर्तन पर प्रतिक्रिया सहित नौवहन सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े विषय और आतंकवाद से मुकाबला जैसे मुद्दों पर विचारों का आदान प्रदान किया।

भारतीय उच्चायोग ने किसानों के प्रदर्शनों को लेकर ब्रितानी सांसद के लिए जारी किया खुला पत्र

इन देशों ने लिया हिस्सा
इस बैठक में जयशंकर के अलावा आस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री मेरिस पेन, जापान के विदेश मंत्री तोशिमत्सु मोतेगी और अमेरिका के विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकेन ने हिस्सा लिया। बयान के अनुसार, सभी पक्षों ने इस बात पर सहमति जतायी कि दुनिया में हो रहे बदलाव उनके देशों के साथ मिलकर काम करने का मजबूत आधार बनाते है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिये यह महत्वपूर्ण है कि बदलाव की दिशा सकारात्मक और सभी के फायदे के लिये हो। इसमें कहा गया है कि चर्चा के दौरान म्यांमा के हाल के घटनाक्रमों पर भारत ने कानून के शासन और लोकतांत्रिक परिवर्तन पर जोर दिया।

कसा शिकंजा तो बौखलाए खालिस्तानी! कनाडा में भारतवंशियो को मिल रही धमकी, भारत नाराज

ये थी तीसरी बैठक
मंत्रियों ने कोविड-19 से मुकाबला करने के प्रयासों एवं टीकाकरण कार्यक्रम के बारे में भी चर्चा की। क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की यह तीसरी बैठक है। अमेरिका में जो बाइडन के राष्ट्रपति बनने के बाद यह पहली बैठक है। चीन के बढ़ते प्रभाव की पृष्ठभूमि में अमेरिका इस चार देशों के गठबंधन को सुरक्षा-गठबंधन में बदलने के पक्ष में है। इससे पहले विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि यह बैठक अक्टूबर, 2020 में तोक्यो में हुई अंतिम बैठक से आगे उपयोगी विचारों को आपस में साझा करने का अवसर प्रदान करेगी। क्वाड ढांचे के तरह इन चार देशों के विदेश मंत्रियों की पहली बैठक न्यूयार्क में सितंबर 2019 में हुई थी।

यहां पढ़े अन्य बड़ी खबरें... 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.