दिव्यांग पेंशन को विधि विभाग की हरी झंड़ी, 10 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ

  • Updated on 12/7/2018

नई दिल्ली/ताहिर सिद्दीकी। लम्बे समय से अटके दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 को दिल्ली में लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र सरकार के इस नए कानून के तहत दिल्ली में रहने वाले 21 श्रेणियों के 10 लाख से अधिक दिव्यांगों को दिल्ली सरकार की पेंशन और अन्य सहायता मिलने में कोई अड़चन नहीं आएगी।

सूत्र बताते हैं कि विधि विभाग ने ड्रॉफ्ट रूल्स के मसौदे को मंजूरी दे दी है। समाज कल्याण विभाग अब ड्रॉफ्ट रूल्स की फाइल उपराज्यपाल अनिल बैजल के पास मंजूरी के लिए अगले कुछ दिनों में भेज देगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया कि एक महीने के अंदर इस बाबत अधिसूचना जारी कर नए कानून को लागू कर दिया जाएगा।

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बता दें कि अब तक इस कानून के लागू नहीं होने से 7 श्रेणियों में महज 78447 दिव्यांगों को ही सरकारी पेंशन और अन्य सुविधाएं मिल रही है। लेकिन नए कानून के लागू होने पर 21 श्रेणियों के 10 लाख से अधिक दिव्यांगों को हर माह 2500 रुपए की पेंशन और अन्य सरकारी सुविधाएं मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा।

दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा कराए गए आंतरिक स्टडी में सामने आया है कि नए कानून के दायरे में दिव्यांगों की संख्या 10 लाख से अधिक होने की उम्मीद है। ज्ञातव्य है कि 40 प्रतिशत से अधिक की दिव्यांगता होने पर ही कोई दिव्यांग श्रेणी में आ सकता है। 

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तैनात होंगे नोडल अधिकारी
नए कानून के मुताबिक दिव्यांगों तक सरकारी सहायता की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक जिले में एक वरिष्ठ अधिकारी की अगुवाई में टीम गठित करने की प्लॉनिंग भी है। टीम सुनिश्चित करेगी कि दिव्यांगों को सभी सरकारी सुविधाएं मिल सकें। इसमें दिव्यांगों से जुड़े मामलों के विशेषज्ञ लोगों को भी जोड़ा जाएगा।

यूनिक आईडी नंबर देने की तैयारी
दिव्यांगों को यूनिक आईडी नंबर केंद्र सरकार की पहल पर देने की तैयारी की जा रही है। इससे दिव्यांगों को दस्तावेज साथ रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 

21 श्रेणी में दिव्यांग 
चलन संबंधी दिव्यांगता,मांसपेशीय दुॢवकास, कुष्ठ, बौनापन, प्रमस्तिष्क घात, हमले की पीड़ित,कम दृष्टि,दृष्टिहीनता,श्रवण क्षति,सुनने में कठिनाई,वाक और भाषा दिव्यांगता, बौद्धिक दिव्यांगता, विशिष्ट शिक्षण दिव्यांगता, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, मानसिक रुग्णता, क्रोनिक स्नायविक स्थिति, बहुल काठिन्य, पार्किंसन रोग, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया व सिकल सेल रोग।   

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ऐसे हुई देरी 

  • समाज कल्याण विभाग ने  दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के डॉफ्ट रूल्स विधि विभाग के पास उसकी राय के लिए भेजी
  • विधि विभाग ने दिल्ली को केंद्र शासित प्रदेश बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा इसे अधिसूचित करने के लिए अधिकार देना जरूरी बताया
  • समाज कल्याण विभाग ने 12 दिसम्बर 2017 को इसके लिए ड्रॉफ्ट रूल्स बनाए
  • 15 मई 2018 को ड्रॉफ्ट रूल्स पर लोगों से सुझाव और आपत्ति मांगे गए
  • फिर एक कमेटी ने ड्रॉफ्ट रूल्स के मसौदे को फाइनल किया 
  • इसके बाद ही विधि विभाग ने मसौदे को हरी झंडी दी। 
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