Thursday, Feb 25, 2021
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कोरोना से पुलिस की चिंता अब होगी दूर, वर्दी को संक्रमण मुक्त करेगी 'जर्मीक्लीन' ये है खासियत

  • Updated on 6/15/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पुलिस महकमे में कोरोना वायरस के डर को देखते हुए अब रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा अब सुरक्षाबलों की वर्दी को अच्छी तरह से साफ करने के लिए एक समाधान निकाला गया है।

अब वर्दी की सफाई के डीआरडीओ ने अपने वरिष्ठ वैज्ञानिकों की टीम और अपने भागीदार सेवियर बायोटेक लिमिटेड के साथ मिल कर एक ड्राई हीट ट्रीटमेंट चैंबर बनाया है, जिसे 'जर्मीक्लीन' नाम दिया गया है। इसकी शुरुआत दिल्ली पार्लियामेंट स्ट्रीट के पुलिस स्टेशन से की जा रही है।  

क्यों पड़ी जरूरत?
बताया जा रहा है की लंबे समय से दिल्ली पुलिसकर्मी कोरोना वायरस से संघर्ष करते हुए लोगों के बीच काम कर रहे थे और इसी के चलते अधिकतर पुलिसकर्मी कोरोना से संक्रमित भी पाए गए। बताया जा रहा है कि जर्मीक्लीन से वर्दी, बेंत, गन्ना ढाल, हेलमेट और अन्य की सफाई आसानी से की जा सकेगी।

ऐसे किया गया तैयार 
बताया जा रहा है कोरोना के कहर को देखते हुए डीआईपीएएस, डीआरडीओ के लाइफ साइंसेज क्लस्टर की स्पेशल लैब में जर्मीक्लीन को केवल तीन दिनों में तैयार किया गया है। इसे डीआरडीओ के लाइफ साइंसेज के डीजी डॉक्टर एके सिंह की अगुवाई में भानु प्रताप सिंह और डॉक्टर निधि संदल ने मिलकर बनाया है।

ये है इसकी खासियत
यह खास तरह की मशीन है जिसमें 10 मिनट में 25 जोड़ी वर्दी को एक साथ सेनिटाइज किया जा सकेगा। इस कक्ष का कार्य क्षेत्र 1875X850X1600 मिमी है। इस मशीन का इस्तेमाल बैटन, बेंत, केन शील्ड, हेलमेट या लकड़ी, स्टील से बने किसी भी प्रोडक्ट को कीटाणु मुक्त करने के लिए किया जा सकता है। इसमें वही सामान रखा जा सकता है जो 70-80ºC के तापमान को सहन कर सकता हैं।

इतनी है लागत
बताया जा रहा है कि 'जर्मी क्लीन' की कोस्ट डेढ़ से दो लाख रुपये है। ये न केवल वर्दी को सैनिटाइज करेगा बल्कि आवासीय समिति और आरडब्ल्यूए भी इसका उपयोग करेगी। 

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