Wednesday, Jan 19, 2022
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दिल्ली के कस्तूरबा अस्पताल में कोरोना वैक्सीनेशन के लिए 25 लोगों पर हुआ ड्राइ-रन

  • Updated on 1/6/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। देश को जल्द ही कोरोना वैक्सीन (Corona vaccine) मिल सरकती है, ऐसे में सभी राज्यों में वैक्सीनेशन की तैयारियां जोरों पर है। इसी क्रम में दिल्ली के कस्तूरबा अस्पताल में कोविड-19 वैक्सीनेशन का ड्राई रन (Dry Run) चलाया गया। कस्तूरबा अस्पताल (Kasturba Hospital) की मेडिकल अधीक्षक डॉ. सक्सेना ने बताया कि कोविड के खिलाफ जो वैक्सीन आएगी, जिसे हमें लगाना है उसके लिए हमने ये ड्राई रन किया है। कस्तूरबा अस्पताल में आज हमने 25 लोगों पर ड्राई रन किया।

बता दें कि 3 जनवरी को  ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने कोरोना की दो वैक्सीन को मंजूरी दे दी है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendar Jain) ने बताया कि दिल्ली में सबसे पहले वैक्सीन स्वास्थ्य कर्मचारियों और फ्रंटलाइन कर्मचारियों को लगेगी। जैन ने कहा है कि दिल्ली में तीन लाख हेल्थकेयर वर्कर और छह लाख फ्रंटलाइन वर्कर्स हैं, जिन्हें कोरोना वैक्सीन दी जाएगी। 

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दिल्ली समेत देशभर में 2 जनवरी को हुआ था ड्राइ रन
इससे पहले जब दिल्ली समेत देशभर में 2 जनवरी को कोरोना वैक्सीनेशन की तैयारियों की समक्षा के लिए ड्राइरन किया गया था तब सत्येंद्र जैन से पूछा गया था कि क्या दिल्ली सरकार कोरोना वैक्सीन मुफ्त मुहैया करवाएगी? तो इस पर उन्होंने कहा कि दिल्ली में लोगों को दवाइयां और उपचार मुफ्त में ही उपलब्ध करवाया जाता है। 

2 जनवरी को हुए ड्राई रन के लिए दिल्ली के तीन अस्पतालों को चुना गया था जिसमें दिलशाद गार्डन स्थित जीटीबी अस्पताल, दरियागंज स्थित अर्बन प्रायमरी हेल्थ सेंटर और द्वारका के निजी अस्पताल वेंकटेश्वर हॉस्पिटल को शामिल किया गया। तीनों जिले में 3 केंद्र चुने गए, हर केंद्र पर एक वेटिंग हॉल, एक टीकाकरण रूम और एक ऑब्जरवेशन हॉल बनाया गया। 

ड्राइ-रन का उद्देश्य
ड्राई रन का मकसद है टीकाकरण प्रोसेस को टेस्ट करना। इस दौरान सब कुछ वैसे ही किया जाएगा जैसे टीकाकरण के दौरान होगा। सिर्फ वैक्सीन नहीं दी जाएगी। मॉक ड्रिल में टीकाकरण अभियान के लिए इस्तेमाल की जा रही टेक्नोलॉजी का टेस्ट किया जाएगा। केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार टीकाकरण 'को-विन' पोर्टल के माध्यम से होगा और 'को-विन' पोर्टल कैसे काम कर रहा है इसमें सभी डेटाबेस मौजूद है। इस पोर्टल में टीका लगने वाले और लगाने वाले सबकी डिटेल्स पहले से ही मौजूद है। 

इसके साथ ही लॉजिस्टिक चेक करना, सेशन प्लानिंग और वैक्सीनेटर डिप्लॉयमेंट, सेशन साइट पर वैक्सीनेशन करना और रिपोर्ट करना। सभी सेंटर पर 25 हेल्थ वर्कर्स है, जिन्हें टीका लगेगा। उनका पूरा विवरण को-विन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। यह भारत सरकार के एसओपी का पालन करते हुए इस पूरी प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।

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30 करोड़ लोगों को दी जानी है वैक्सीन
वहीं, बताया जा रहा है कि शुरूआत में देश के 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन दी जाएगी। इसके लिए सरकार 70 हजार टीकाकर्मी और 30,000 निजी टीकाकर्मियों की सहायता लेगी। साथ ही कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए हेल्थ केयर वर्कर का पंजीकरण शुरू किया गया है। कई पंजीकृत अस्पताल और नर्सिंग होम ने अपने मानव संसाधन संबंधी पूरा ब्योरा दिल्ली सरकार के परिवार कल्याण निदेशालय को भेज दिया है।

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