Friday, Dec 13, 2019
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DU : 14 जून तक कर सकते हैं आवेदन, 20 जून को आएगी पहली कटऑफ लिस्ट

  • Updated on 5/31/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के शैक्षणिक सत्र 2019-20 की दाखिला प्रक्रिया वीरवार रात 8 बजे से शुरू हो गई। 14 जून तक छात्र ऑनलाइन डीयू के दाखिला पोर्टल पर स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए छात्र आवेदन कर सकेंगे।

इस वर्ष सभी श्रेणियों के साथ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए अलग से कटऑफ निकाली जाएगी। वहीं पहली कटऑफ की संभावना 20 जून निर्धारित की गई है। यह जानकारी वीरवार को डीयू दाखिला समिति के अध्यक्ष प्रो.राजीव गुप्ता ने प्रेसवार्ता में साझा की। दाखिले के संबंध में जानकारी दी गई कि स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन की प्रक्रिया 3 जून से शुरू होगी। स्नातक के चुनिंदा पाठ्यक्रमों सहित स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों,एमफिल-पीएचडी में दाखिले के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित की जाएगी। डीयू में इस वर्ष से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस)के लिए कोटा लागू किए जाने से लगभग छह हजार सीटों का इजाफा होगा।

डीयू में ईडब्ल्यूएस कोटा लागू होने से पहले 56,500 सीटें थीं जो कि अब बढ़कर करीब 62,500 हो गई हैं। प्रेसवार्ता में डीयू के रजिस्ट्रार प्रो तरुण दास, दाखिला समिति के अध्यक्ष व स्टूडेंट वेलफेयर के डीन, परीक्षा के डीन प्रो. विजय गुप्ता, शिकायत निवारण समिति के अध्यक्ष प्रो. अखिलेश वर्मा, डीयू के खेल परिषद के अध्यक्ष प्रो. पंकज सिंहा, खेल के निदेशक डॉ अनिल कलकल, ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी)(दाखिला) डॉ. सुकांतो दत्ता, ओएसडी दाखिला डॉ. पिंकी शर्मा, ईसीए के दाखिले की कॉर्डिनेटर डॉ. शालिनी बख्शी और डीयू कंप्यूटर सेंटर के निदेशक डॉ संजीव सिंह उपस्थित रहे। 

20 जून को पहली कटऑफ संभव 
इस बार पहले पांच कटऑफ लिस्ट जारी की जाएगी। उसके बाद अगर किसी कॉलेज में सीटें खाली हर जाती हैं, तो आगे कटऑफ लिस्ट जारी करने पर विचार किया जाएगा। डीन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू) ने गुरुवार को बताया कि पहली कट ऑफ 20 जून को जारी होगी। साथ ही बताया गया कि एससी, एसटी, ओबीसी कोटे की तरह ही ईडब्ल्यूएस कोटे के लिए अगल से कट ऑफ लिस्ट निकाली जाएगी। 

ओटीपी आधारित होगा पंजीकरण 
छात्रों के लिए दाखिला पोर्टल को मोबाइल फ्रेंडली बनाया गया है। छात्र जैसी ही अपना फॉर्म भर लेंगे तो जो वह अपने मोबाइल नंबर और ईमेल आइडी बताएंगे। उसमें एक वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) उनके पास आएगा। इसके तहत उन्हें दाखिले लेने तक सभी तरह की सूचनाओं का अपडेट अपने मोबाइल और ईमेल आइडी पर मिलेगा। इस बार ऑनलाइन फॉर्म में भरते समय डीयू के सभी पाठ्यक्रम अपने आप ही टिक हुए मिलेंगे। जिससे किसी छात्र का पाठ्यक्रम आवेदन करते समय ना छूटे। इस बार छात्रों को अगर किसी पाठ्यक्रम में दाखिला नहीं लेना है तो फॉर्म भरते समय पाठ्यक्रम के आगे लगे टिक को अनटिक कर सकते हैं। 

31 मार्च के बाद का ओबीसी सर्टिफिकेट ही होगा मान्य 
प्रो राजीव गुप्ता ने कहा कि हमें केंद्र सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल ट्रेनिंग से निर्देश मिला है कि जो भी छात्र आवेदन कर रहे हैं वह मौजूदा ओबीसी सर्टिफिकेट डीयू में लेकर आएं। विभाग के निर्देश अनुसार छात्रों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का प्रमाण पत्र 31 मार्च 2019 के बाद का देना होगा। वह ओबीसी प्रमाण पत्र इस तारीख के बाद से लेकर आएं। इसके अलावा ईडब्ल्यूएस कोटे में दाखिले के लिए ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र छात्रों को अपने एसडीएम ऑफिस से लाना होगा। 

दस्तावेजों की जांच के लिए सीबीएसई पोर्टल का करेंगे इस्तेमाल  
डीयू प्रशासन ने बीते सालों में फर्जी मार्कशीट दिखाकर दाखिला पाने वालों से सख्ती से निपटने की योजना बनाई है। ज्ञात हो कि डीयू में दाखिला लेने वाले छात्रों में करीब 80 प्रतिशत छात्र सीबीएसई बोर्ड से आते हैं। इसलिए डीयू प्रशासन ने छात्रों की मार्कशीट वेरिफिकेशन के लिए सीबीएसई बोर्ड के साथ एपीआई इंटीग्रेशन किया है। जिसके तहत सीबीएसई बोर्ड के 2014 से अब तक सभी छात्रों के मार्कशीट, जन्मतिथि, माता-पिता के नाम चेक किया जा सकेगा। इसके अलावा सीबीएसई के पोर्टल से ही छात्रों की जाति प्रमाण पत्र की भी जांच की जा सकेगी।

अन्य बोर्ड के छात्रों से लिए जाएंगे मूल दस्तावेज
प्रेस वार्ता के दौरान गत वर्ष फर्जी दस्तावेजों पर दाखिला और फिर उसकी जांच में नवंबर तक का समय लगने वाली प्रश्न के जबाव में डीयू के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (दाखिला) डॉ. सुकांटो दत्ता ने बताया कि कहा कि दाखिला प्रक्रिया पूरी तरह से खत्म होने के बाद हम एक हफ्ते के लिए छात्रों से उनके मूल दस्तावेज मांगेंगे। जिससे उनके सभी सर्टिफिकेट की जांच की जा सके। किसी भी छात्र का फर्जी दस्तावेज पाया जाता है तो उनपर कार्रवाई की जाएगी।

हर कटऑफ के बाद कितनी सीटें भरी, मिलेगी जानकारी 
डीयू प्रशासन की तरफ से यह भी पहल की गई है कि हर कटऑफ के बाद छात्रों को यह पता चल जाएगा कि किस कॉलेज में कितनी सीटें भर चुकी हैं। यह व्यवस्था भी डीयू के दाखिला पोर्टल में कराई जाएगी। 

हर कटऑफ में एक ही बार दाखिला रद्द कराने का मिलेगा अवसर 
इस वर्ष कटऑफ आने के बाद अगर किसी छात्र को कटऑफ में नंबर आने के बाद दाखिला उस कॉलेज में रद्द कराना है। तो उन्हें सिर्फ एक ही विकल्प मिलेगा। यह नियम हर कटऑफ में रहेगा और हर कटऑफ में छात्रों को दाखिला रद्द कराने का एक ही अवसर मिलेगा। 

छात्रों को इस बार ऑनलाइन कैलकुलेटर की सुविधा 
डीयू ने अपने दाखिला पोर्टल पर छात्रों को इस वर्ष विशेष सुविधा दी है कि छात्र अपने बेस्ट फोर के अंकों को या किसी तीन सब्जेक्ट के अंकों को कैलकुलेट करना चाहते हैं तो उन्हें ऑनलाइन कैलकुलेटर की व्यवस्था दी गई है। 

 खेल कोटे के लिए जून के अंतिम हफ्ते में शुरू होंगे ट्रायल 
खेल कोटे के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए डीयू के खेल परिषद के अध्यक्ष प्रो. पंकज सिन्हा और खेल के निदेशक डॉ. अनिल कलकल ने कहा कि इस वर्ष डीयू में कुल खेल कोटे के लिए 27 कैटेगरी में दाखिला होगा। इस वर्ष योग को एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी (ईसीए) कोटे में डाला गया है। वहीं 12 खेलों को खेल कोटे से बाहर किया गया है। भारतीय राउंड इन आर्चरी, बॉल बैडमिंटन (महिला व पुरुष), सॉफ्टबॉल (पुरुष), कोर्फबॉल, 400 मीटर रिले दौड़, साइक्लिंग, पॉवर लिफ्टिंग, फेंसिंग, फिजिक जैसे खेलों को खेल कोटे से बाहर कर दिया गया है। वहीं उन छात्रों का सीधे डीयू में दाखिला होगा जिन्होंने ओलंपिक, एशियार्ड, कॉमन वेल्थ जैसे खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। वहीं जिन्होंने राज्य या दूसरे स्तर पर सर्टिफिकेट हासिल किया है, उन सभी को खेल कोटे के तहत ट्रायल देना होगा। खेल कोटे में दाखिले के लिए 60 फीसद तक ट्रायल और 40 फीसद सर्टिफिकेट के आधार पर दाखिला मिलेगा। खेल कोटे के ट्रायल की संभावना है इसे जून के तीसरे हफ्ते से 28 जून से शुरू कर दिया जाए। इसके 10 जुलाई तक चलने की उम्मीद है। 

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