Wednesday, Aug 10, 2022
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डीयू के कैम्पस लॉ सेंटर ने संगोष्ठी रद्द की, प्रशांत भूषण मुख्य वक्ता थे

  • Updated on 3/26/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली विश्वविद्यालय के कैम्पस लॉ सेंटर (सीएलसी) ने छात्रों के ‘‘असहनीय व्यवहार’’ का हवाला देते हुए शनिवार को अपनी संगोष्ठी रद्द कर दी। इससे एक दिन पहले छात्रों का प्रशासन के साथ टकराव हुआ था। ‘भारतीय संविधान को चुनौतियां’ विषय पर संगोष्ठी शनिवार को सीएलसी में होनी थी, जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण मुख्य वक्ता थे। बहरहाल, विधि संकाय की डीन ऊषा टंडन ने शनिवार सुबह कार्यक्रम रद्द करने के फैसले का एलान किया। 

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सीएलसी प्राधिकारियों का कथित तौर पर कार्यक्रम से पहले संगोष्ठी कक्ष को तैयार करने के लिए उसकी चाभियां देने को लेकर शुक्रवार को छात्रों से टकराव हुआ था। जब प्राधिकारियों ने चाभियां देने से इनकार कर दिया तो छात्र प्रदर्शन करने लगे। डीन द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है, ‘‘‘कमिटी ऑन सेमिनार एंड कांफ्रेंस रूम्स बुकिंग’ की बैठक के फैसले के अनुसार, 25 मार्च के बाद से छात्रों के असहनीय व्यवहार और घटनाक्रम को देखते हुए कार्यक्रम रद्द किया गया है।’’ 

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अखिल भारतीय छात्र संघ की दिल्ली ईकाई के अध्यक्ष अभिज्ञान ने कहा, ‘‘भूषण घटनास्थल पर पहुंच गए लेकिन छात्रों को इसमें प्रवेश करने से रोक दिया गया। इसके बाद भूषण ने पार्किंग क्षेत्र में छात्रों को संबोधित करना शुरू कर दिया लेकिन प्रशासन ने उन्हें जाने के लिए कहा और कहा कि कैम्पस में सभा करने की अनुमति नहीं है।’’ 

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उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिवक्ता ने छात्रों को कॉलेज परिसर के बाहर संबोधित किया। भूषण ने कहा, ‘‘भाषण की स्वतंत्रता नहीं है। छात्र कल जो कुछ हुआ, उसके बारे में मुझसे शांतिपूर्वक बातचीत करना चाहते थे लेकिन उन्होंने हमें यह कहते हुए जाने के लिए कहा कि, ‘परिसर में चर्चा करने की अनुमति नहीं है।’’’

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दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोक्टर रजनी अब्बी ने भी कहा कि छात्रों द्वारा पैदा किए विवाद के कारण कार्यक्रम रद्द किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘हमने उन्हें कल चाभियां देने से इनकार कर दिया था क्योंकि नियमों के खिलाफ जाकर कार्यक्रम से एक दिन पहले उन्हें चाभियां नहीं दी जा सकती थी। कल उन्होंने हंगामा किया और प्रदर्शन किया। इसलिए कार्यक्रम रद्द किया गया और विधि संकाय की डीन ने आदेश जारी किया।’’ 

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