Tuesday, Jun 22, 2021
-->
Due to Corona lockdown extended in Delhi till May 10th KMBSNT

दिल्ली में कोरोना कहर के चलते एक सप्ताह के लिए बढ़ाया गया लॉकडाउन

  • Updated on 5/2/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली में जारी कोरोना कहर के चलते 20 अप्रैल से चल रहा लॉकडाउन 1 सप्ताह के लिए और बढ़ा दिया गया है। यह 3 मई सुबह 5:00 बजे समाप्त हो रहा था। अब 10 मई सुबह 5:00 बजे तक जारी रहेगा। इस दौरान पहले की तरह कुछ मामलों में छूट रहेगी।

जिसमें कोरियर सेवा, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर और वाटर प्यूरीफायर से संबंधित लोगों को काम करने की छूट दी गई है। इसके अलावा बच्चों की पढ़ाई से संबंधित किताबों की दुकान है और बिजली के पंखों से संबंधित दुकानें भी खुली रहेंगी। आवश्यक सामान की ढुलाई करने वाले ट्रकों और खाली ट्रकों की आवाजाही पर भी रोक नहीं होगी, लेकिन इन ट्रकों को पास दिखाना होगा।

गुरुतेग बहादुर के 400वें प्रकाश पर्व पर आज सुबह शीश गंज साहिब पहुंचे PM मोदी

सीएम केजरीवाल ने ट्वीट कर दी जानकारी
लॉकडाउन 1 सप्ताह बढ़ाने के बारे में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को ट्वीट कर जानकारी दी। इसके बाद मुख्य सचिव विजय देव ने शनिवार को राजधानी में जारी लॉकडाउन को 10 मई सोमवार सुबह 5:00 बजे तक जारी रखने का आदेश जारी कर दिया।

अस्पतालों में आईसीयू बेड्स की कमी
मुख्य सचिव ने कहा कि कोरोना मरीजों के लिए सरकारी व निजी अस्पताल में आईसीयू बेड काफी कम बचे हैं। अब कोरोना की चेन तोड़ने के लिए और संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन को एक सप्ताह के लिए बढ़ाना आवश्यक है। पहले की तरह शर्तों के साथ सार्वजनिक परिवहन सेवा जारी रहेगी। मगर यात्रा वही लोग कर सकेंगे जिनके पास ई-पास होगा या रेलवे और हवाई जहाज का टिकट होगा।

'जीवन के अधिकार की रक्षा में हम सब विफल', जानें दिल्ली हाईकोर्ट ने ऐसा क्यों कहा

शादी में जाने के लिए ई-पास की जरूरत नहीं
जरूरी सेवाओं से जुड़े लोग ई-पास के माध्यम से आवागमन कर सकेंगे। बीमार लोगों के लिए किसी प्रकार की रोक नहीं होगी। शादियों में शामिल होने के लिए ई-पास की जरूरत नहीं होगी। शादी का कार्ड ही मान्य होगा। शादी में 50 लोगों की अनुमति होगी। वही अंतिम संस्कार में अधिकतम 20 लोग शामिल हो सकते हैं। बता दे कि दिल्ली में जारी कोरोना के कहर के चलते 20 अप्रैल से चल रहा लॉकडाउन पहले 26 अप्रैल, फिर 3 मई और अब 10 मई तक के लिए बढ़ाया गया है। 

comments

.
.
.
.
.