Wednesday, Apr 14, 2021
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due to covid 19 delhi temples arranged for online viewing janamashtami 2020 pragnt

कोरोना के कारण कई मंदिरों में आज विशेष रूप से ऑनलाइन दर्शनों की गई व्यवस्था

  • Updated on 8/11/2020

नई दिल्ली/अनामिका सिंह। 'वृंदावन की कुंज गलिन में घर-घर बजे बधाई/लियौ जन्म कृष्ण कन्हाई।' नंदलाल का जन्म हो और सोहर ना गाया जाए ये कैसे हो सकता है। राजधानी के मंदिरों में मंगलवार से ही कृष्ण जन्म की खुशी मनानी शुरू कर दी गई। हर मंदिर में 'नंद के आनंद भयौ, जय कन्हैया लाल की' व 'श्रीकृष्ण जन्म लियौ, मामा की जेलों में/ना वहां सास, ना वहां दाई/चरवै कौन घराए' जैसे गाने गूंजते सुनाई दिए। वहीं श्रद्धालुओं की भीड़भाड़ कम हो इसको ध्यान में रखते हुए कई मंदिरों ने आज विशेष रूप से ऑनलाइन दर्शनों की भी व्यवस्था की है।

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इन मंदिरों में बनाई गई झाकी
बता दें कि हर त्यौहार की तरह इस बार जन्माष्टमी भी फीकी नजर आएगी। राजधानी में हर साल प्रत्येक इलाके के मंदिरों में छोटी-बड़ी झांकियां लगाई जाती थीं और पूरे दिन से लेकर नंदलाल के जन्म तक कीर्तन-भजन किया जाता था जो इस बार नहीं हो पाएगा। हालांकि झंडेवालान मंदिर, छतरपुर मंदिर में कुछ झाकियां बनाई गईं है लेकिन वहां सोशल डिस्टेंस का पालन करना होगा। इस बार मंदिरों में सजे-धजे बाल गोपाल रूपी बच्चों की झलक भी झाकियों में नहीं दिखाई देगी लेकिन कान्हा का श्रृंगार व मंदिर प्रशासन द्वारा करवाई जा रही पूजा-पाठ ऑनलाइन देखी जा सकेगी। सिर्फ झंडेवालान मंदिर में प्रसाद वितरित किया जाएगा।

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इस साल नहीं आएंगे लाखों श्रद्धालु: इस्कॉन मंदिर
दिल्ली के इस्कॉन मंदिर की माने तो जन्माष्टमी पर भगतों को मंदिर में आने की मनाही नहीं होगी लेकिन सबकुछ शांतिपूर्ण ढंग से किया जाएगा। इस्कॉन मंदिर के डायरेक्टर वजेंद्रनंदन दास ने बताया कि हर साल मथुरा-वृंदावन की टोली हर्षोल्लास मनाने आती थी जो इस बार नहीं आएगी और ना ही भजन-कीर्तन होगा। बता दें कि हर साल इस्कॉन मंदिर में ढाई से तीन लाख श्रद्धालु आते हैं। 

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प्रसाद मंदिर में खाने की अनुमति नहीं
हर साल मंदिर में बैठाकर प्रसाद खिलाने की परंपरा इस्कॉन मंदिर में रही है लेकिन इस बार छोटे-छोटे प्रसाद के पैकेट बनाकर भक्तों को वितरित किए जाएंगे, मंदिर परिसर में खाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं किसी प्रकार का सांस्कृतिक कार्यक्रम भी नहीं होगा।

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