Sunday, Apr 05, 2020
during-lockdown-situation-indian-govt-feed-poor-families

गरीबों को एक साल तक खिला सकती है भारत सरकार, भरपूर है भंडार

  • Updated on 3/25/2020

नई दिल्ली/प्रियंका। भारत में कोरोना वायरस (Corona Virus) का खतरा देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा कर दी। इसके साथ ही सरकार ने विश्वास दिलाया कि इस दौरान जनता की मदद के लिए सभी राज्य सरकारें उनके साथ हैं। लेकिन इस बीच गरीब परिवारों पर लॉकडाउन की भारी मार देखने को मिली है। जो लोग अपनी दिहाड़ी या रोज की कमाई पर निर्भर हैं उनका बुरा हाल हो गया है।

हालांकि कई राज्यों की सरकारों ने राशन में छूट का ऐलान किया है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर भारत को लॉकडाउन बढ़ाना पड़ा तो कितने दिनों तक भारत गरीबों को राशन सामग्री उपलब्ध कराने योग्य है। आईए इस रिपोर्ट के माध्यम से समझने की कोशिश करते हैं।

लॉक डाउन के बाद दशहत भरी खरीदारी से हैरान-परेशान CM केजरीवाल, उठाए ये कदम

एक साल तक खिला सकता है भारत
भारतीय खाद्य निगम (Food Corporation of India) के मुताबिक भारत के पास करीब 1 साल के लिए भरपूर राशन का भंडार है, जिसका इस्तेमाल लॉकडाउन की स्थिति में देश के गरीबों के भोजन की व्यवस्था बनाने में किया जा सकता है। साथ ही, आने वाली नई फसल के बाद इस भंडार में खाद्यान्न का और इजाफा हो जाएगा, जो अभी के अनुमान को और बढ़ा सकता है।

21 दिनों के लॉकडाउन में घर पर रह कर न हों परेशान, सरकार दे रही है आपको ये सुविधाएं

क्या कहते हैं आंकड़े
इस बारे में भारतीय खाद्य निगम (FCI) के चेयरमैन डीवी प्रसाद ने ब्लूमबर्ग से बात करते हुए बताया कि देश में खाद्यान्न/राशन भंडार की कोई कमी नहीं है। बता दें, पूरे देश भऱ में खाद्यान्न को बांटने काम भारतीय खाद्य निगम ही देखता है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, देश भर के गरीबों में बांटने के लिए करीब 50 से 60 मिलियन टन राशन की जरूरत होती है और अप्रैल के अंत तक देश के पास 100 मिलियन टन खाद्यान्न उपलब्ध होगा। वहीँ, साल 2019-20 में भारत में 292 मिलियन टन रिकॉर्ड खाद्यान्न के उत्पादन का अनुमान है। इस हिसाब से भारत गरीबों को साल भर से ज्यादा खिलाने में सक्षम है।

क्या अखबार पढ़ने से हो सकता है कोरोना का संक्रमण? जानिए क्या कहता है WHO

कल्याणकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ
इस हिसाब से देखा जाए तो डीवी प्रसाद भी यही कहते हैं कि देश के हर हिस्से में खाद्यान्न की आपूर्ति होती रही है और आगे भी इस लिहाज से चिंता की कोई बात नहीं है। लेकिन इसके अलावा कुछ राज्यों ऐसे भी हैं जहां भंडारण की समस्या है और वे बड़ी मात्रा में राशन जमा करके नहीं रख सकते। यहां ये भी बता दें कि खाद्य आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान ने पिछले हफ्ते कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थीयों को 6 महीने के लिए राशन जमा करके रखने की अनुमति दी थी।

राशन की खरीद में जुटे लोग
इस बीच बड़ी समस्या ये हुई कि लॉकडाउन की घोषणा के बाद लोगों ने परेशान होकर अधिक राशन जमा करना शुरू कर दिया है। जबकि पूरे देश में लॉकडाउन है और जरुरी राशन की दुकानें खुली हैं तब लोग बड़े पैमाने पर राशन की खरीद करने में जुटे हैं। ऐसी स्थिति में राशन से जुड़ी तमाम वस्तुओं की कीमतों में इजाफे की आशंका है साथ ही मौजूदा समय में अचानक खाद्य वस्तुओं कमी भी देखी जा सकती है।

WHO ने दुनिया को चेताया “सिर्फ लॉकडाउन से कम नहीं होगा कोरोना का खतरा”

ऐसे बढ़ सकती है समस्या
लॉकडाउन के बीच लोगों का अधिक राशन जमा करके रखना और कीमतों के बढ़ जाने से गरीब तबका मुसीबत में आ सकता है। साथ ही ट्रांसपोटेर्शन की असुविधा होने से भी खाद्य सामग्री में कमी हो सकती है। सबसे बड़ी मुसीबत यह है कि जहां भी खाद्य सामग्रियां स्टॉक में हैं वहां इस्तेमाल नहीं हो पाएंगी और इससे कालाबाजारी बढ़ जाएगी। जिसका सीधा असर गरीब जनता पर पड़ेगा। अब देखना यह है कि सरकार द्वारा राशन उपलब्ध कराने की सुविधा गरीब परिवारों तक पहुंचती है या नहीं।

यहां पढ़ें कोरोना के जुड़ी महत्वपूर्ण खबरें 

क्या है कोरोना वायरस? जानें, बीमारी के कारण, लक्षण व समाधान

इन आयुर्वेदिक उपायों का करें इस्तेमाल, नहीं आएगा Coronavirus पास 

coronavirus: 5 दिन में दिखे ये लक्षण तो जरूर कराएं जांच 

यदि आपका है यह Blood Group तो जल्द हो सकते हैं कोरोना वायरस के शिकार 

कोरोना वायरस: जिम बंद हुए हैं एक्सरसाइज नहीं, 'वर्क फ्रॉम होम' की जगह करें 'वर्कआऊट फ्रॉम होम' 

Coronavirus को रखना है दूर तो डाइट में शामिल करें ये 7 चीजें 

कोरोना वायरस : मास्क के इस्तेमाल में भी बरतें सावधानियां, ऐसे करें यूज 

कोरोना वायरस से जुड़े ये हैं कुछ खास मिथक और उनके जवाब 

भारत में लॉकडाउन के बाद भी कोरोना वायरस के फैलने का खतरा बढ़ा, पढ़े खास रिपोर्ट

लॉक डाऊन है तो फिक्र क्या, बैंक कराएंगे आपके पैसे की होम डिलीवरी

 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.