Monday, Jun 21, 2021
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दिल्ली: अवैध कॉलोनियों में छिपा प्रदूषण का बड़ा कारण, निपटने के लिए निगम के पास कोई प्लान नहीं

  • Updated on 10/20/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। राजधानी में जैसे ही तापमान कुछ कम हुआ और लोगों को गर्मी से राहत मिली कि प्रदूषण (Pollution) की समस्या सामने आ गई। इस सप्ताह के मध्य तक प्रदूषण के बढ़ने के आसार है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार आज यानी मंगलवार को आईटीओ में पीएम-10 178 और पीएम-2.5 का स्तर 129 दर्ज किया गया है। 

दिल्ली में प्रदूषण के मुख्य कारक पड़ोसी राज्यों में जलने वाली पराली का धुआं, मोटर वाहनों का धुआं, निर्माण स्थलों की धूल आदि है। दिल्ली के 70 फीसदी क्षेत्र में बसी अवैध कॉलोनियों से बेतहाशा धूल उड़ती है जो कि प्रदूषण का एक बड़ा कारण है। कॉलोनियों से धूल उड़ने का कारण यहां की कच्ची सड़कें और यहां पर खुले में रखे निर्माण कार्य की समाग्री है।  

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तीनों निगमों के अंडर इतनी अवैध कॉलोनी
वहीं इन इलाकों में धूल को कंट्रोल करने के लिए नगर निगमों के पास कोई भी योजना नहीं है। जानकारी के लिए आपको बता दें कि दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में 932, उत्तरी दिल्ली नगर निगम में 450 और पूर्वी दिल्ली नगर निगम में 253 अवैध कॉलोनियां हैं। इन कॉलोनियों से उड़ने वाली धूल प्रदूषण का बड़ा कारण है, इसके बावजदू नगर निगम के पास इस प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए कोई मिकैनिकल स्वीपिंग मशीन नहीं है।  

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पानी छिड़कने वाले 217 वॉटर स्प्रिंकलर्स
दिल्ली के इतने बड़े हिस्से में बसी अवैध कॉलोनियों में प्रदूषण कंट्रोल के लिए नगर निगमों के पास नाम पात्र के उपकरण हैं। उत्तरी और दक्षिणी नगर निगम के पास धूल से निपटने के लिए 36 रोड मिकैनिकल स्वीपिंग मशीन हैं। वहीं धूल को बिठाने के लिए पानी छिड़कने वाले 217 वॉटर स्प्रिंकलर्स हैं। इसके अतिरिक्त निगमों के पास न कोई प्लान है और न ही कोई अन्य तरीका जिससे प्रदूषण के मुख्य कारकों में से एक धूल को कंट्रोल किया जा सके। 

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21 से रेड लाइट ऑन गाड़ी ऑफ अभियान
दिल्ली में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए केजरीवाल सक्रिय रूप से अब काम करती नजर आ रही है। किसानों को पराली जलाने से रोकने के प्रयासों से लेकर अब युद्ध प्रदूषण के विरुद्ध अभियान के तहत 'रेड लाइट ऑन गाड़ी ऑफ अभियान भी शुरू किया गया है। अब सरकार 21 अक्टूबर से 15 नवंबर तक रेड लाइट ऑन गाड़ी ऑफ अभियान को जमीनी स्तर पर शुरू कर रही है और इस दौरान प्रवर्तन की कार्रवाई नहीं की जाएगी।

पहले 3 दिनों तक रेड लाइट पर वाहन चालकों को लाल गुलाब का फूल देकर गांधीगिरी के माध्यम से वाहन बंद करने की अपील की जाएगी। ट्रैफिक पुलिस द्वारा चिन्हित दिल्ली के 100 व्यस्त चौराहों पर इसे लागू किया जाएगा। इसके लिए दिल्ली सरकार 2500 पर्यावरण मार्शल तैनात करेगी।

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